नसीमखान सांची
सांची,,
सोमवार से शारदीय नवरात्रि का पावन पर्व श्रद्धा और आस्था के साथ प्रारंभ हो गया है। नगर के विभिन्न स्थानों पर भव्य पंडालों में मां दुर्गा की प्रतिमाएँ विधि-विधान से स्थापित की गईं। भक्तों ने मंत्रोच्चारण और पूजा-अर्चना के साथ माता रानी का आवाहन कर उन्हें विराजमान किया।
नवरात्रि का यह पावन पर्व सनातन धर्म में विशेष महत्व रखता है।
इन नौ दिनों में भक्त मां दुर्गा के नौ स्वरूपों – शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कूष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धिदात्री – की विधिवत पूजा-अर्चना करते हैं। श्रद्धालु उपवास रखकर, नंगे पाँव रहकर या फलाहार कर माता की भक्ति में लीन रहते हैं। कई साधक इन दिनों साधना एवं आराधना में संलग्न रहते हैं, वहीं तांत्रिक भी तंत्र साधना करते हैं।
नगर के पंडालों में प्रतिदिन रामायण पाठ, सुंदरकांड, भजन-कीर्तन और महाआरती जैसे धार्मिक अनुष्ठान आयोजित होंगे । रंग-बिरंगी सजावट से सजे पंडालों में माता के दर्शन हेतु भक्तों की भारी भीड़ उमड़ रही है। इसी क्रम में नगर में काली माता की भव्य झांकी भी सजाई गई है, जहाँ श्रद्धालु बड़ी संख्या में दर्शन करने पहुँच रहे हैं। आकर्षक झांकी और प्रकाश व्यवस्था भक्तों को विशेष रूप से आकर्षित करेगीं।
“जय माता दी” के गगनभेदी जयकारों से संपूर्ण नगर का वातावरण भक्तिमय हो उठा है। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए पुलिस प्रशासन ने विशेष प्रबंध किए हैं। नगर परिषद द्वारा साफ-सफाई, प्रकाश और पेयजल की उचित व्यवस्था की गई है।
पंडित विवेक तिवारी पार्षद ने कहा कि “नवरात्रि केवल पूजा-पाठ का पर्व नहीं, बल्कि यह शक्ति, श्रद्धा और संयम का प्रतीक है। इन नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की उपासना कर हम अपने जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और नई दिशा प्राप्त करते हैं।”
नवरात्रि के उपरांत विजयादशमी (दशहरा) का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा।






