नसीमखान
सांची,,, प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के नाम पर ठेकेदारों की लापरवाही और फर्जीवाड़ा एक बार फिर सामने आया है। दीवानगंज क्षेत्र के फैक्ट्री चौराहा से स्टेशन मार्ग तक योजना के सांकेतिक बोर्ड लगाए गए, लेकिन हैरानी की बात यह रही कि मात्र एक घंटे बाद ही पिकअप वाहन से उन बोर्डों को उखाड़कर वापस ले जाया गया।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि यह कोई नई चाल नहीं है, बल्कि ठेकेदारों का पुराना तरीका है। योजनाओं का काम सिर्फ कागजों और तस्वीरों में दिखाकर खानापूर्ति कर दी जाती है। जांच के दौरान ठेकेदार पक्ष के लोगों ने खुद स्वीकार किया कि “सिर्फ फोटो खिंचवाने के लिए बोर्ड लगाए थे।”
ग्रामवासियों का कहना है कि जब विकास कार्य केवल फोटोज़ और फाइलों तक ही सीमित रहेंगे, तो गांवों की वास्तविक तस्वीर कैसे बदलेगी? यह घटना न केवल प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना की साख पर सवाल उठाती है, बल्कि विभागीय अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर प्रश्नचिन्ह खड़े करती है।






