नसीमखान सांची
सांची,,,
नगर सहित आसपास के क्षेत्रों में इन दिनों छोटे-बड़े वाहनों में लगाई जा रही अत्यधिक चमकदार सफेद एलईडी लाइटें लोगों के लिए परेशानी का सबब बन चुकी हैं। इन तेज़ रोशनी वाली लाइटों की चमक आंखों पर पड़ते ही सामने का दृश्य गायब हो जाता है, जिससे छोटे वाहन चालकों के साथ-साथ पैदल राहगीरों को भी भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।
जानकारों का कहना है कि इन अत्यधिक तेज सफेद लाइटों का आंखों पर विपरीत प्रभाव पड़ता है, जिससे दृष्टि पर बुरा असर होता है और आंखों की बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। बुजुर्गों के लिए यह स्थिति और अधिक कष्टदायक साबित हो रही है।
रात के समय जब वाहन आमने-सामने से गुजरते हैं, तो इन लाइटों की चमक के कारण चालकों को आगे कुछ दिखाई नहीं देता, जिससे दुर्घटनाओं की संभावना कई गुना बढ़ जाती है। सांची नगर से होकर गुजरने वाले तेज रफ्तार वाहनों के कारण पहले से ही दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है, वहीं इन सफेद एलईडी लाइटों ने स्थिति को और गंभीर कर दिया है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि इस ओर न तो परिवहन विभाग का ध्यान जा रहा है और न ही पुलिस प्रशासन कोई कार्रवाई कर रहा है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि वाहनों में लगाई जा रही तेज सफेद एलईडी लाइटों पर प्रतिबंध लगाया जाए, ताकि सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित हो।
नागरिकों की मांग।
नगरवासियों ने जिला प्रशासन और परिवहन विभाग से मांग की है कि सड़कों पर चलने वाले वाहनों की तेज़ सफेद एलईडी लाइटों की नियमित जांच की जाए। चालकों को उचित दिशा-निर्देश दिए जाएं और ऐसे वाहनों पर जुर्माना लगाकर अभियान चलाया जाए, ताकि सड़क सुरक्षा बनी रहे।
विशेषज्ञों की सलाह।
नेत्र विशेषज्ञों का कहना है कि तेज़ सफेद रोशनी सीधे आंखों पर पड़ने से दृष्टि पर अस्थायी धुंधलापन आ सकता है, जो दुर्घटनाओं का कारण बनता है। उन्होंने सुझाव दिया है कि वाहन चालकों को मध्यम रोशनी वाली लाइटें लगानी चाहिए और प्रशासन को इस पर आंखों पर पडने वाले दुष्प्रभाव को रोकने सख्ती से नियम लागू करने चाहिये
प्रशासन की अपेक्षित कार्यवाही।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि सड़क सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुलिस और परिवहन विभाग को संयुक्त रूप से विशेष अभियान चलाना चाहिए। साथ ही, नियम विरुद्ध चमकदार लाइट लगाने वाले वाहनों के विरुद्ध चालानी कार्यवाही की जाए, ताकि अन्य वाहन चालकों को भी अनुशासन का संदेश मिल सके। लोगों को उम्मीद है कि प्रशासन शीघ्र ही इस दिशा में कदम उठाएगा, जिससे लगातार बढ़ रहे सड़क हादसों पर प्रभावी रोक लग सके।






