नसीमखान सांची, रायसेन
ग्रामीणों की समस्याओं के समाधान और योजनाओं का लाभ देने कलेक्टर की अगुवाई में जिला प्रशासन पहुंचा ग्राम हर्रई
ग्राम चौपाल में प्राप्त 175 आवेदनों में से 113 आवेदनों का मौके पर किया गया निराकरण
24 आयुष्मान कार्ड, सात खाद्यान्न पात्रता पर्ची, 41 जाति प्रमाण पत्र तथा 30 आधार कार्ड भी बनाए गए
रायसेन,
ग्रामीणों को शासन की योजनाओं का लाभ सुगमता से मिले और उन्हें समस्याओं के समाधान हेतु परेशान ना होना पड़े, इसके लिए कलेक्टर श्री अरूण कुमार विश्वकर्मा की पहल पर प्रशासनिक अधिकारी गॉवों में पहुंचकर ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान कर रहे हैं। साथ ही योजनाओं का लाभ देने पात्रतानुसार आवेदन भी लिए जा रहे हैं। इसी कड़ी में आज रायसेन जिले की औबेदुल्लागंज जनपद के ग्राम हर्रई में ग्राम चौपाल आयोजित की गई। जिसमें कलेक्टर श्री अरूण कुमार विश्वकर्मा द्वारा स्वयं ग्रामीणों से गांव के विकास और शासन की योजनाओं का लाभ मिलने के बारे में संवाद किया गया। ग्राम चौपाल में स्वास्थ्य विभाग, महिला बाल विकास, सामाजिक न्याय, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, श्रम विभाग सहित अन्य विभागों द्वारा स्टॉल लगाकर योजनाओं की जानकारी देने के साथ ही आवेदन लिए गए।
ग्राम चौपाल में कुल 175 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 113 आवेदनों का मौके पर ही निराकरण किया गया। शेष आवेदनों के निराकरण हेतु की जाने वाली कार्यवाही तथा समयावधि से संबंधित आवेदकों को अवगत कराया गया। ग्राम चौपाल में 24 ग्रामीणों के आयुष्मान कार्ड बनाए गए, सात ग्रामीणों को खाद्यान्न पात्रता पर्ची वितरित की गई, 41 ग्रामीणों के जाति प्रमाण पत्र बनाए गए तथा 30 ग्रामीणों के आधार कार्ड बनाए गए। ग्राम चौपाल में लगाए गए स्वास्थ्य शिविर में 105 ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण भी किया गया। इसके अतिरिक्त अधिकारियों-कर्मचारियों के चार दल गठित किए गए थे, जिनके द्वारा ग्राम में 138 से अधिक घरों का डोर टू डोर भ्रमण कर योजनाओं का लाभ मिलने की जानकारी ली गई और उनकी समस्याओं का समाधान भी किया।
ग्राम चौपाल में कलेक्टर श्री विश्वकर्मा ने ग्रामीणों से आत्मीय संवाद करते हुए कहा कि अगली पीढ़ी से बड़ा धन कुछ नहीं है। उन्हें नियमित रूप से स्कूल भेजना है और स्वयं उनपर ध्यान दें। उन्होंने कहा कि हो सकता हैं कि कुछ व्यक्ति पढ़े-लिखे ना हों, पर बच्चों की पढ़ाई के समय पर ध्यान दिया जाना चाहिए। शासन द्वारा बच्चों की शिक्षा पर, उन्हें आगे बढ़ाने के लिए अनेक योजनाएं और कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। उन्होंने युवा वर्ग से कहा कि अपने बड़े-बुजुर्गो का सम्मान करें।
कलेक्टर श्री विश्वकर्मा ने ग्राम में शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी लेते हुए ग्रामीणों से राशन दुकान नियमित खुलने और प्रतिमाह निर्धारित मात्रा में राशन मिलने, आंगनवाड़ी केन्द्र समय पर खुलने, आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड सहित अन्य योजनाओं का लाभ मिलने के बारे में पूछा। कलेक्टर श्री विश्वकर्मा ने ग्रामीणों से कहा कि शासन द्वारा प्रत्येक वर्ग के लिए योजनाएं चलाई जा रही हैं, ग्रामीण इन योजनाओं की जानकारी प्राप्त करें और लाभ लेने के लिए स्वयं भी आगे आएं।
ग्रामीणों को स्वयं का व्यवसाय शुरू करने किया प्रेरितकलेक्टर श्री विश्वकर्मा ने ग्रामीणों से गांव में संचालित दुकानों, व्यवसायों की जानकारी लेते हुए कहा कि गांव में स्वयं की आटा चक्की शुरू कर सकते हैं, किराना दुकान, जनरल स्टोर या अन्य सामग्री की दुकान शुरू कर सकते हैं। साथ ही पशुपालन करके भी अच्छी आमदनी प्राप्त की जा सकती है। किसान भाई सब्जी की खेती, फूलों की खेती या मसालों की खेती कर सकते हैं। इसके साथ ही फलदार पौधे भी लगा सकते हैं, जिससे कुछ वर्षो में नियमित आमदनी प्राप्त होने लगेगी। उन्होंने इन रोजगारमूलक कार्यो को शुरू करने में शासन द्वारा संचालित योजनाओं तथा प्रदान की जाने वाली सहायता के बारे में भी बताया।
उद्यानिकी फसलों की खेती कर प्राप्त कर सकते हैं अधिक लाभ ग्राम चौपाल में किसानों से संवाद करते हुए कलेक्टर श्री विश्वकर्मा ने कहा कि पारम्परिक खेती करने पर प्रति एकड़ जितनी आमदनी होती है उससे कहीं ज्यादा आमदनी उद्यानिकी फसलों की खेती कर प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि खेतों में फलों का बगीचा लगाकर दो-तीन साल बाद नियमित आमदनी प्राप्त की जा सकती है। इसके अलावा कलस्टर के रूप में सब्जी या मसालों की खेती कर सकते हैं, इससे भी अधिक आमदनी प्राप्त होती है।
कलेक्टर की प्रेरणा से ग्रामीण ने कुपोषित बच्ची के पोषण की ली जिम्मेदारीग्राम चौपाल में संवाद के दौरान कलेक्टर श्री विश्वकर्मा ने ग्राम की एक तीन वर्षीय बच्ची कुपोषित होने की जानकारी मिलने पर ग्रामीणों को बच्चों के स्वास्थ्य के लिए पोषण आहार का महत्व बताते हुए बच्ची के पोषण आहर, स्वास्थ्य की जिम्मेदारी लेने के लिए प्रेरित किया। कलेक्टर की प्रेरणा से ग्राम के ही श्री शंकरपाल द्वारा कुपोषित बच्ची के स्वास्थ्य एवं पोषण आहार की जिम्मेदारी ली गई। बच्ची को एनआरसी मण्डीदीप में भर्ती कराया गया है।
कलेक्टर ने नशामुक्ति का दिलाया संकल्पकलेक्टर श्री विश्वकर्मा ने ग्रामीणों से कहा कि गांव को नशामुक्त बनाने के प्रयास करें। नशीले पदार्थो के सेवन से व्यक्ति की सोचने, समझने की क्षमता कम होती है। इससे स्वास्थ्य पर भी विपरीत प्रभाव पड़ता है और आर्थिक नुकसान भी होता है। उन्होंने कहा कि सभी ग्रामवासी संकल्प लें कि गांव को नशामुक्त बनाने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे। ग्राम चौपाल में कलेक्टर श्री विश्वकर्मा ने सभी को नशामुक्ति का संकल्प भी दिलाया।
ग्राम चौपाल में प्राप्त एक-एक आवेदन के निराकरण की ली जानकारीकलेक्टर श्री विश्वकर्मा ने ग्राम चौपाल में प्राप्त आवेदनों के पंजी रजिस्टर को अपने पास बुलवाया और संबंधित विभागों के अधिकारियों से आवेदनों पर की गई कार्यवाही की जानकारी ली। साथ ही जिन आवेदनों का त्वरित निराकरण नहीं किया जा सका, उसका कारण कारण जानते हुए निराकरण की समयावधि पूछते हुए संबंधित आवेदक को भी इसके बारे में बताया। उन्होंने अंजना साहू द्वारा राशन पर्ची हेतु दिए गए आवेदन पर कार्यवाही की जानकारी लिए जाने पर खाद्य अधिकारी ने बताया कि इनकी राशन पर्ची बनी हुई है, बच्चे का नाम राशन पर्ची में जोड़ना है। जिसकी प्रक्रिया कर दी है और आगामी एक माह में नाम जुड़ जाएगा। इसी प्रकार रामस्वरूप द्वारा आधार कार्ड अपडेट हेतु दिए आवेदन की जानकारी लेने पर अवगत कराया कि आधार अपडेट हो गया है। स्वाति उदयसिंह द्वारा संबल कार्ड बनवाने हेतु दिए गए आवेदन को ऑनलाईन कर दिया गया है।
इसी प्रकार श्री रूपसिंह बंशीलाल के आयुष्मान कार्ड बनवाने संबंधी आवेदन, जगदीश मिश्रीलाल द्वारा दिए गए दिव्यांगता प्रमाण पत्र, जामसिंह द्वारा दिए गए आवेदन सहित अन्य ग्रामीणों द्वारा दिए गए आवेदनों पर कार्यवाही की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को शीघ्र निराकरण कर अवगत कराने हेतु निर्देशित किया। ग्राम चौपाल में सहायक कलेक्टर श्री कुलदीप पटेल, एसडीएम तथा अनेक विभागों के जिला अधिकारी उपस्थित रहे।
ग्राम चौपाल में किसानों को दी गई उन्नत कृषि तकनीकों की जानकारीऔबेदुल्लागंज जनपद के ग्राम हुर्रई में आयोजित ग्राम चौपाल में कृषि वैज्ञानिक डॉ स्वप्निल दुबे ने किसानों को फसलों की उत्पादकता और आमदनी बढ़ाने हेतु उपायों तथा उन्नत कृषि तकनीकों की जानकारी देते हुए बताया कि किसानों को हर तीन से चार साल में बीज का बदलाव करना चाहिए। साथ ही बोवनी के पहले बीजोपचार आवश्यक है। इसी प्रकार दलहन फसलों में अधिक उत्पादन प्राप्त करने के लिए नए किस्म के बीज उपयोग में लाए जा सकते हैं। ग्राम चौपाल में किसानों को जैविक खेती के लिए प्रोत्साहित करते हुए कहा कि रासायनिक उर्वरकों का कम से कम उपयोग करना चाहिए। उन्होंने किसानों को नरवाई जलाने से होने वाले नुकसान के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि किसान साथी धान की कटाई के बाद नरवाई या पराली में आग ना जलाएं। इससे मिट्टी के पोषक तत्व और उर्वरक क्षमता नष्ट होती है। हार्वेस्टर से फसल कटाई कराते समय उसमें स्ट्रो मेनेजमेंट सिस्टम अनिवार्य होना चाहिए। इसके अलावा नरवाई प्रबंधन हेतु सुपर सीडर, हेप्पी सीडर सहित अन्य उन्नत कृषि यंत्रों का उपयोग करना चाहिए।
ग्रामीणों को पशुपालन हेतु योजनाओं की दी जानकारीग्राम चौपाल में डेयरी एवं पशुपालन विभाग के उप संचालक द्वारा ग्रामीणों को विभागीय योजनाओं की जानकारी देते हुए पशुपालन के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा पशुपालन के लिए बैंकों के माध्यम से कम ब्याज दर पर ऋण राशि उपलब्ध कराई जाती है तथा अनुदान भी दिया जाता है। ग्राम चौपाल में जानकारी दी गई कि पीएमएफएमई योजना के तहत ग्रामीणों को आटा चक्की स्थापित करने के लिए एक लाख रू का ऋण बैंक के माध्यम से मिल सकता है। ग्राम चौपाल के आयोजन से ग्राम हर्रई के ग्रामीण भी उत्साहित रहे। उन्होंने इसके लिए उन्होंने जिला प्रशासन को धन्यवाद देते हुए कहा कि चौपाल में कलेक्टर साहब ने स्वयं ग्रामीणों से बात की और उनकी समस्याएं जानकर निराकरण भी किया। जिन कामों के लिए हमें तहसील में जाना पड़ता या ऑफिसों के चक्कर लगाने पड़ते, वह काम आज एक ही दिन में हो गए।






