कैमरों की जद से बाहर सांची का ऐतिहासिक स्थल, सुरक्षा भगवान भरोसे।।संवेदनशील घोषित क्षेत्र में निगरानी व्यवस्था ठप, कंट्रोल रूम बना शोपीस — वार्षिकोत्सव से पहले सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल।

नसीमखान सांची
सांची,,, विश्वविख्यात ऐतिहासिक एवं संवेदनशील स्थल सांची की सुरक्षा एक बार फिर सवालों के घेरे में है। कभी यहां हर गतिविधि पर निगरानी रखने के लिए लगाए गए कैमरे अब मात्र खंभों पर झूलते यंत्र बनकर रह गए हैं। सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही का आलम यह है कि अधिकांश कैमरे लंबे समय से बंद पड़े हैं, जिससे संपूर्ण नगर कैमरों की जद से बाहर हो गया है।
जानकारी के अनुसार, नगर के प्रमुख मार्गों, प्रवेश द्वारों और ऐतिहासिक परिसरों में कुछ वर्ष पूर्व सुरक्षा दृष्टि से सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे। प्रारंभिक समय में यह प्रणाली सक्रिय रही, लेकिन धीरे-धीरे रखरखाव की अनदेखी के चलते अधिकांश कैमरे निष्क्रिय हो गए। नतीजतन, पुलिस को अब घटनाओं की जांच में भी काफी मशक्कत करनी पड़ती है।
नगर के नागरिकों का कहना है कि जब प्रशासनिक कैमरे बंद हैं, तब लोगों ने अपने-अपने घरों और संस्थानों में निजी कैमरे लगाकर स्वयं निगरानी की जिम्मेदारी उठा ली है। इससे स्पष्ट है कि प्रशासनिक स्तर पर सुरक्षा प्रणाली पूरी तरह ठप पड़ी है।
आगामी दिनों में नगर में वार्षिकोत्सव आयोजन होने वाला है, जिसमें हजारों की संख्या में श्रद्धालु और अतिविशिष्टजन शामिल होंगे। ऐसे में बंद पड़े कैमरों और निष्क्रिय कंट्रोल रूम की स्थिति ने प्रशासन की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
थाना प्रभारी जे.पी. त्रिपाठी ने बताया कि “कैमरे फिलहाल बंद हैं, परंतु इनकी व्यवस्था पुलिस के नियंत्रण में नहीं है। फिर भी पुलिस अधीक्षक को इस स्थिति से अवगत कराया जाएगा ताकि शीघ्र सुधार किया जा सके।
इतिहास की धरोहर सांची, जहां हर ईंट सुरक्षा की गवाही देती है, आज आधुनिक सुरक्षा के अभाव में स्वयं असुरक्षित होती जा रही है।

  • editornaseem

    Related Posts

    सांची के बेसहारों को मिला सहारा, ‘अपना घर आश्रम’ ने बढ़ाया मानवीय सहयोग का हाथ

    नसीमखान सांची, रायसेन परिवार और परिस्थितियों से उपेक्षित लोगों को सहमति के साथ आश्रम ले जाकर रहने, भोजन और उपचार की व्यवस्था का भरोसासांची,,,नगर में ऐसे अनेक लोग हैं जो…

    पांव से मोहताज, फिर भी योग के प्रति उत्साह कम नहीं — पूर्व पार्षद ने घर पर किया योगाभ्यास।घुटनों की बीमारी के बावजूद अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर दिया स्वास्थ्य जागरूकता का संदेश

    नसीमखान सांची, रायसेनसांची,,,नगर के पूर्व पार्षद रतन लाल जायसवाल पिछले लगभग एक वर्ष से घुटनों की बीमारी से पीड़ित होने के कारण घर पर आराम कर रहे हैं। बावजूद इसके,…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    सांची के बेसहारों को मिला सहारा, ‘अपना घर आश्रम’ ने बढ़ाया मानवीय सहयोग का हाथ

    सांची के बेसहारों को मिला सहारा, ‘अपना घर आश्रम’ ने बढ़ाया मानवीय सहयोग का हाथ

    पांव से मोहताज, फिर भी योग के प्रति उत्साह कम नहीं — पूर्व पार्षद ने घर पर किया योगाभ्यास।घुटनों की बीमारी के बावजूद अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर दिया स्वास्थ्य जागरूकता का संदेश

    पांव से मोहताज, फिर भी योग के प्रति उत्साह कम नहीं — पूर्व पार्षद ने घर पर किया योगाभ्यास।घुटनों की बीमारी के बावजूद अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर दिया स्वास्थ्य जागरूकता का संदेश

    री-नीट परीक्षा से वंचित रहीं छात्राएं, केंद्र पर हुआ हंगामा

    • By admin
    • June 22, 2026
    • 3 views
    री-नीट परीक्षा से वंचित रहीं छात्राएं, केंद्र पर हुआ हंगामा

    अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर स्तूप परिसर में उमड़ा जनसमूह, स्वास्थ्य राज्य मंत्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल ने की शिरकत

    अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर स्तूप परिसर में उमड़ा जनसमूह, स्वास्थ्य राज्य मंत्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल ने की शिरकत

    साँची विश्वविद्यालय में योगाभ्यास एवं योगिक क्रियाओं का प्रदर्शन, 60 पौधों का रोपणकिया।अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर योग, पंचकर्म, नेचुरोपैथी और स्वस्थ जीवनशैली का दिया संदेश

    साँची विश्वविद्यालय में योगाभ्यास एवं योगिक क्रियाओं का प्रदर्शन, 60 पौधों का रोपणकिया।अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर योग, पंचकर्म, नेचुरोपैथी और स्वस्थ जीवनशैली का दिया संदेश

    कमाल की तैयारी 2026″ अभियान: अभिभावक बन रहे बच्चों के लर्निंग पार्टनरस्कूल में प्रवेश से पहले बच्चों की समग्र तैयारी के लिए गतिविधि आधारित सीख और अभिभावकों की सक्रिय भागीदारी पर जोर।

    कमाल की तैयारी 2026″ अभियान: अभिभावक बन रहे बच्चों के लर्निंग पार्टनरस्कूल में प्रवेश से पहले बच्चों की समग्र तैयारी के लिए गतिविधि आधारित सीख और अभिभावकों की सक्रिय भागीदारी पर जोर।