नसीमखान सांची
वास्तविक पात्र हितग्राही दफ्तरों के चक्कर लगाने को मजबूर, प्रभावशाली लोगों को मिला प्राथमिकता का लाभ।
सांची। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा बेघरों को आशियाना दिलाने के उद्देश्य से शुरू की गई प्रधानमंत्री आवास योजना गरीबों के सपनों को साकार करने की दिशा में देशभर में सफल रही है, परंतु सांची नगर के अनेक हितग्राही आज भी अपने पक्के मकान की प्रतीक्षा में भटक रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, बढ़ती महंगाई के बीच जो गरीब परिवार वर्षों से झोपड़ियों में रहकर जीवन बिता रहे थे, वे इस योजना से अपने पक्के घर की उम्मीद लगाए बैठे हैं। प्रारंभ में अनेक पात्र हितग्राहियों को लाभ मिला भी, लेकिन अब भी सैकड़ों गरीब हितग्राही योजना के लाभ से वंचित हैं और सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने को विवश हैं।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि कुछ प्रभावशाली व्यक्तियों ने प्रशासनिक सांठगांठ के चलते योजना में घुसपैठ कर ली, जिससे वास्तविक जरूरतमंदों का हक मारा गया। वहीं, पुरातत्व विभाग द्वारा नगर के बड़े हिस्से को अपने नियंत्रण क्षेत्र में बताते हुए निर्माण पर आपत्ति जताने से भी योजना के क्रियान्वयन में बाधा आई।
बताया गया कि नगर के कई वार्डों में आवास स्वीकृत होने के बाद भी निर्माणो को राशि आवंटित होने का बेसब्री से इंतज़ार करना पड रहा है। जनप्रतिनिधियों द्वारा इस समस्या को उच्च स्तर पर उठाया गया, परंतु अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका है। इस योजना के पात्र अपात्र हितग्राहियों की जांच में बडी गडबडी से इंकार नहीं किया जा सकता है ।
बेघरों के घर के सपने आज भी अधूरे हैं — और सांची की झोपड़ियों में उम्मीद की लौ अब भी जल रही है।






