नसीमखान सांची, रायसेन
रायसेन,
मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के निर्देशानुसार एवं प्रधान जिला न्यायाधीश तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अध्यक्ष श्री अनिल कुमार सोहाने के मार्गदर्शन में 09 नवम्बर से 14 नवम्बर तक न्यायोत्सवः विधिक सेवा सप्ताह मनाया जा रहा है। जिसके तहत जागरूकता कार्यक्रमों की श्रृंखला में सोमवार को जिला जेल में निरुद्ध बंदियों को उनके अधिकारो, पुनर्वास प्रक्रियाओं एवं निशुल्क विधिक सेवाओं की उपलब्धता के बारे में जागरूकता करने के उद्देश्य से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रायसेन द्वारा जिला जेल रायसेन में विधिक जागरूकता शिविर सह जेल निरीक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें बंदियों को उनके कानूनी अधिकारों, पुनर्वास प्रक्रियाओं और निशुल्क कानूनी सहायता सेवाओं के बारे में जागरूक किया गया।
कार्यक्रम में श्रीमती हर्षिनी यादव सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रायसेन द्वारा बंदियों को उनके कानूनी अधिकारों, पुनर्वास प्रक्रियाओं और निशुल्क कानूनी सेवाओं के संबंध में जागरूक किया गया। बंदियों को भारतीय सुरक्षा संहिता, भारतीय न्याय संहिता के प्रावधानों से अवगत कराते हुए संवैधानिक अधिकारों से भी अवगत कराया गया। उन्होंने बताया कि भारत के संविधान के अनुसार प्रदत्त मौलिक अधिकारों के अंतर्गत जेल में निरुद्ध बंदियों को भी गरिमापूर्ण जीवन जीने का अधिकार है। श्री अनीस उद्दीन अब्बासी जिला विधिक सहायता अधिकारी द्वारा बंदियों को निशुल्क विधिक सहायता व सलाह प्राप्त करने के अधिकार की जानकारी देते हुए जेल लीगल एड क्लीनिक तथा लीगल एड डिफेन्स काउंसिल के बारे में जानकारी प्रदान की गयी।
बंदियों को उनके लंबित मामलों पर विधिक सेवा दल द्वारा प्रदान की गयी अद्यतन जानकारी
बंदियों के लंबित मामलों में अपडेट प्रदान करने हेतु विधिक सेवा दल का गठन किया गया। उक्त दल में श्री अजय कुमार सक्सेना, चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल्स (न्याय रक्षक), श्री विनय कुमार खरे, डिप्टी चीफ, लीगल एड डिफेंस काउंसिल (न्याय रक्षक), श्री षिवम सराठे एवं श्री शुभम मालवीय असिस्टेंट लीगल एड डिफेंस काउंसिल (न्याय रक्षक), श्री नरेन्द्र बघेल एवं सुश्री मीना रैकवार पैरालीगल वालेंटियर (अधिकार मित्र) जिला प्राधिकरण रायसेन एवं श्री तुलसीराम, जेल बंदी पैरालीगल वालेंटियर (अधिकार मित्र) सम्मिलित थे। विधिक सेवा दल द्वारा न्यायोत्सव विधिक सेवा अभियान अंतर्गत जेल में उपस्थित होकर बंदियों को उनके लंबित मामलों पर अपडेट प्रदान की गयी। साथ ही उनके प्रकरणों की प्रगति के बारे में भी बताया गया।






