नसीमखान सांची
जन क्रांति सामाजिक उत्थान संघ के तत्वावधान में बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण, अनेक वक्ताओ ने किया संबोधित।
सांची,,, आज संविधान दिवस के अवसर पर जन क्रांति सामाजिक उत्थान संघ के तत्वावधान में बसस्टैंड परिसर में एक गरिमामय कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर की गई।
जानकारी के अनुसार संघ द्वारा बांसखेड़ा से संविधान जागरूकता रैली निकाली गई, जो जयभीम के नारों से गुंजायमान होती हुई नगर के मुख्य मार्गों से गुजरकर बसस्टैंड परिसर पहुँची। यहाँ संविधान निर्माता बाबा साहेब आंबेडकर की प्रतिमा के निकट मुख्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का नेतृत्व हल्के राम ने किया, जबकि संचालन की जिम्मेदारी प्रसिद्ध आर. एस. यादव ने निभाई। आयोजन में क्षेत्र सहित दूरदराज़ से आए लोगों की बड़ी भागीदारी रही। अनेक साधु-संतों के साथ भगवान बुद्ध के अनुयायी बौद्ध भिक्षु भी उपस्थित रहे।
अनेक वक्ताओं ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संविधान की महत्वता पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भारत का संविधान विश्व के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश का संविधान है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहना होती है। बावजूद इसके देश के भीतर संविधान में बदलाव की बात करना दुर्भाग्यपूर्ण है और इसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता।
कुछ वक्ताओं ने हिंदू राष्ट्र की मांग करने वालों पर कटाक्ष करते हुए कहा कि जब देश के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, राज्यपाल तथा सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीशों में अधिकांश हिंदू हैं, तब हिंदू राष्ट्र का मुद्दा उठाकर जनता के बीच अनावश्यक भ्रम फैलाया जा रहा है। इसी क्रम में धीरेंद्र शास्त्री के ‘पर्ची’ प्रकरण का भी जिक्र किया गया।
वक्ताओं ने यह भी कहा कि संविधान ने सभी को समान अधिकार दिए हैं। इसी संविधान की बदौलत देश में अनेक कुरीतियाँ समाप्त हुईं और महिलाओं को समान अवसर प्राप्त हुए, जिसके कारण आज महिलाएँ राष्ट्रपति से लेकर अनेक शीर्ष पदों पर सुशोभित हैं। बाबा साहेब के प्रेरणादायी जीवन और योगदान पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी लोगों को संविधान की शपथ दिलाई गई और संविधान की रक्षा के लिए सदैव तत्पर रहने का संकल्प कराया गया ।






