नसीमखान सांची, रायसेन
रायसेन
महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार द्वारा आजीविका मिशन के माध्यम से महिलाओं को स्व-सहायता समूहों से जोड़कर स्वरोजगार के अवसर और राशि उपलब्ध कराई जा रही है, जिसका लाभ पाकर आज अनेक महिलाएं सफल उद्यमी हैं और परिवार की आर्थिक उन्नति में योगदान दे रही हैं। रायसेन जिले के उदयपुरा क्षेत्र के ग्राम नूरनगर निवासी श्रीमती क्रांति प्रजापति भी उन महिलाओं में शामिल हैं जिन्होंने स्व-सहायता समूह से जुड़ने के अपनी मेहनत और लगन से परिवार की आर्थिक स्थिति को बदला है। ग्राम नूरनगर निवासी श्रीमती क्रांति प्रजापति स्व-सहायता समूह से जुड़ने से पहले आर्थिक समस्याओं से घिरी थी। क्रांति प्रजापति एवं उनके पति मजदूरी करते थे, जिससे परिवार का खर्च भी ठीक तरह से नहीं चल पाता था। क्रांति प्रजापति को जब आजीविका मिशन के बारे में पता चला तो उन्होंने स्व-सहायता समूहों से पहले से जुड़ी महिलाओं से चर्चा की। क्रांति प्रजापति शगुन स्व-सहायता समूह से जुड़कर 13 सूत्रों का पालन करने लगी। समूह से जुड़ने के कुछ माह बाद उन्हे आरएफ, सीआईएफ की राशि प्राप्त हुई जिससे उन्होंने एक छोटी सी मनहारी की दुकान खोली व कुछ माह बाद समूह का सीसीएल कराया गया जिससे भी उन्हें भी राशि मिली। इस राशि से उन्होंने जनरल स्टोर्स का सामान और बढ़ा लिया जिससे दुकान में और अधिक आमदानी होने लगी। इससे क्रांति प्रजापति की आय में वृद्धि हुई। इससे समूह से वो समय-समय पर राशि लेती है और समय पर लौटती है। दुकान से क्रांति प्रजापति को लगभग 12000 से 13000 हजार रू मासिक आय होने लगी जिससे क्रांति प्रजापति के परिवार का खर्च अच्छे से चलने लगा है व आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हो गई है।






