नसीमखान सांची
सांची,,,
भीषण गर्मी और गिरते जलस्तर के बीच नगर परिषद प्रशासन ने बसस्टैंड परिसर में बिना अनुमति कराई गई बोरिंग को अपने अधीन लेकर उससे जलप्रदाय शुरू कर दिया है। इससे जहां नगर को पेयजल संकट से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है, वहीं कार्रवाई की निष्पक्षता पर सवाल भी खड़े हो रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, लगातार बढ़ती गर्मी के कारण नगर परिषद के अधिकांश ट्यूबवेल जलस्तर घटने से बंद होते जा रहे हैं। इसी बीच, बसस्टैंड परिसर में एक होटल संचालक द्वारा कलेक्टर के प्रतिबंधात्मक आदेशों की अनदेखी करते हुए सरकारी भूमि पर अवैध रूप से बोरिंग करवा दी गई।
सूचना मिलने पर नगर परिषद प्रशासन ने निरीक्षण कर बोर को अवैध मानते हुए कलेक्टर को पत्र भेजा और उसे अपने अधीन लेने की प्रक्रिया शुरू की। हाल ही में उक्त बोर में मोटर डालकर जलप्रदाय भी प्रारंभ कर दिया गया है।
हालांकि, इस अवैध बोरिंग से आसपास के अन्य जलस्रोत प्रभावित होने की बात भी सामने आई है। इसके बावजूद संबंधित होटल संचालक पर कोई ठोस दंडात्मक कार्रवाई न होना प्रशासन की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिन्ह खड़े कर रहा है। स्थानीय स्तर पर इसे केवल औपचारिक कार्रवाई मानते हुए जिम्मेदारों की भूमिका पर भी संदेह जताया जा रहा है।
इनका कहना है।।
नगर परिषद के सीएमओ रामलाल कुश्वाह ने बताया कि बिना अनुमति बोरिंग किए जाने पर कार्रवाई की गई है। होटल संचालक को नोटिस जारी किया गया था और उसकी सहमति के बाद बोर को जलप्रदाय के लिए उपयोग में लिया जा रहा है। वर्तमान में उसमें मोटर डालकर जल आपूर्ति शुरू कर दी गई है।
जल संकट में राहत तो मिली, लेकिन नियमों पर समझौते के सवाल अब भी कायम हैं।





