नसीमखान सांची
सांची,,,
नगर में इन दिनों सफाई व्यवस्था और कीटनाशक दवाओं के नियमित छिड़काव के अभाव में झींगुरों एवं अन्य कीट-पतंगों का प्रकोप तेजी से बढ़ता दिखाई दे रहा है। स्थिति यह है कि शाम ढलते ही नगर के कई हिस्सों में झींगुरों की तेज आवाज और बड़ी संख्या में उनका जमावड़ा लोगों के लिए परेशानी का कारण बन रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कीट घरों के भीतर तक पहुंच रहे हैं, जिससे दैनिक जीवन और खानपान प्रभावित हो रहा है।
जानकारी के अनुसार लगातार हो रही बारिश, कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति प्रभावित होने और पर्याप्त साफ-सफाई नहीं होने से कीट-पतंगों तथा अन्य जीव-जंतुओं की सक्रियता बढ़ गई है। लोगों का कहना है कि गर्मी और नमी के कारण जहरीले कीड़े-मकोड़ों के निकलने की घटनाएं भी बढ़ रही हैं, जिससे भय और असुविधा का माहौल बन रहा है।
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि नगर परिषद द्वारा कुछ प्रमुख मार्गों और नालों की सीमित सफाई कर औपचारिकता पूरी कर ली गई, लेकिन व्यापक स्तर पर सफाई अभियान, नियमित फॉगिंग अथवा कीटनाशक छिड़काव जैसी व्यवस्थाएं अब तक दिखाई नहीं दीं।हालांकि ऐसा भी नहीं है कि कीटनाशक दवाओं की खरीदी कागजों में न हो परन्तु वह छिडकाव के स्थान पर कागजी बनकर रह गई यही हाल फोंगिग मशीन जिसे खरीदी मे हजारों खर्च तो कर दिये गए परंतु वह भी दफ्तर की जंग खा रही हैं हालांकि इस ऐतिहासिक नगरी की नगर परिषद प्रशासन खरीद फरोख्त तथा कागजी खरीद फरोख्त जो जमीनी हकीकत से दूर रहते है अधिकांश सुर्खियों में बने रहते है यही हालत नगर की स्ट्रीट लाइट व्यवस्था के बने रहते है खरीद फरोख्त तो की जाती हैं परन्तु वह कितने दिन टिकेगी इसकी गारंटी न तो खरीदार को न ही विक्रेता को ही देना पडती हैं ऐसी लाइट कुछ दिन में ही मरम्मत के लिए पहुंच जाती हैं जिसका अतिरिक्त भार प्रशासन को झेलना पड़ता है तथा ऐसी अनेक गतिविधि इस स्थल पर चलने से चर्चित होती रहती हैं तब कई क्षेत्रों में प्रकाश व्यवस्था और बिजली आपूर्ति को लेकर भी लोगों ने चिंता जताई है।
नगरवासियों का कहना है कि अंधेरे के कारण कीटों और जहरीले जीवों का खतरा और बढ़ जाता है,तथा लोगों की जान जोखिम में पड जाती हैं जिससे कई परिवार अनावश्यक रूप से घरों की गतिविधियां सीमित करने को मजबूर हो रहे हैं। ऐसे में नागरिकों ने प्रशासन से नगर में नियमित साफ-सफाई, कीटनाशक दवा छिड़काव और बिजली व्यवस्था को सुचारु करने की मांग उठने लगी है
बारिश के मौसम में समय रहते प्रभावी सफाई और नियंत्रण उपाय नहीं किए गए तो यह समस्या जनस्वास्थ्य की बड़ी चुनौती बन सकती है।





