नसीमखान सांची
सांची,,,
भारत सरकार के निर्देशानुसार प्राचीन ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण एवं दस्तावेजों के डिजिटलीकरण के उद्देश्य से पुरातत्व विभाग द्वारा सांची स्थित महाबोधि सोसायटी परिसर में एक विशेष कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में प्राचीन हस्तलिपियों, ऐतिहासिक दस्तावेजों, विभिन्न भाषाओं में उपलब्ध पांडुलिपियों तथा अन्य प्राचीन अभिलेखों को एकत्रित कर संरक्षित करने के लिए विकसित किए गए ज्ञान भारतम एप की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में संग्रहालय अधीक्षक ने उपस्थित लोगों को एप डाउनलोड करने तथा प्राचीन दस्तावेजों की जानकारी और छायाचित्र उसमें अपलोड करने की प्रक्रिया समझाई। बताया गया कि इस अभियान का उद्देश्य देशभर में निजी एवं सामाजिक स्तर पर सुरक्षित ऐतिहासिक सामग्री को चिन्हित कर उसका संरक्षण सुनिश्चित करना है।
कार्यक्रम कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा के निर्देशन में आयोजित हुआ। इस दौरान कलेक्टर ने उपलब्ध कराई गई प्राचीन हस्तलिपियों एवं दस्तावेजों का बारीकी से अवलोकन किया तथा निर्देश दिए कि इस अभियान औरज्ञान भारतम एप की जानकारी समाज के प्रत्येक वर्ग और प्रत्येक व्यक्ति तक पहुंचाई जाए ताकि अधिक से अधिक ऐतिहासिक सामग्री संरक्षित की जा सके।
कार्यशाला में एसडीएम मनीष शर्मा ने भी उपस्थित लोगों को एप के उपयोग, पंजीकरण प्रक्रिया तथा प्राचीन अभिलेखों को सुरक्षित रूप से अपलोड करने संबंधी विस्तृत जानकारी प्रदान की। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि जिनके पास पुराने दस्तावेज, पांडुलिपियां, ऐतिहासिक लेख अथवा अन्य सांस्कृतिक सामग्री सुरक्षित हो, वे इस अभियान से जुड़ें।
कार्यक्रम के दौरान नगर के वरिष्ठ समाजसेवी सीएल तिवारी, अन्होरी ग्राम के पूर्व सरपंच रामा महाराज तथा महाबोधि सोसायटी के प्रभारी वानगल विमलतिस्स नायक थैरो द्वारा लगभग सौ वर्ष अथवा उससे अधिक प्राचीन पांडुलिपियां, हस्तलिपि दस्तावेज एवं अन्य ऐतिहासिक सामग्री प्रस्तुत की गई, जिन्हें एप के माध्यम से दर्ज किया गया।
कलेक्टर ने कहा कि जिन लोगों के पास बड़ी संख्या में ऐसी सामग्री उपलब्ध है, वे प्रारंभिक चरण में दस्तावेजों के प्रथम एवं अंतिम पृष्ठ की जानकारी एप पर साझा कर सकते हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि गांव-गांव और घर-घर तक इस अभियान की जानकारी पहुंचाकर अधिक से अधिक लोगों को इससे जोड़ा जाए।
इतिहास केवल स्मृति नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए संरक्षित की जाने वाली साझा विरासत है।





