रिपोर्ट राजर्षि मिश्रा ✍️
उमरिया/मानपुर। विकासखंड मानपुर के ग्राम चिल्हारी में स्वास्थ्य व्यवस्था की बदहाली ग्रामीणों के लिए गंभीर चिंता का विषय बनी हुई है। लगभग 10 हजार की आबादी वाले इस बड़े ग्राम में आज तक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की स्थापना नहीं हो सकी है। यहां संचालित उप स्वास्थ्य केंद्र में प्रसव (डिलेवरी) की सुविधा नहीं होने से गर्भवती महिलाओं को प्रसव कराने के लिए 10 किलोमीटर दूर चन्सुरा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र या 15 किलोमीटर दूर अमरपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अथवा 35 किलोमीटर मानपुर या बरही जिला कटनी जाना पड़ता है।
ग्रामीणों का कहना है कि गर्भवती महिलाओं को प्रसव पीड़ा शुरू होने पर तत्काल वाहन की व्यवस्था कर दूरस्थ अस्पताल ले जाना पड़ता है। बरसात के मौसम में खराब सड़कों और आवागमन की समस्याओं के कारण स्थिति और भी गंभीर हो जाती है। कई बार रात के समय मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाना चुनौती बन जाता है, जिससे जच्चा-बच्चा दोनों की जान जोखिम में पड़ सकती है।
चिल्हारी क्षेत्र पड़वार सुखदास पलझा चंदवार पनपथा कोठिया, बम्हनगवा महरोई सहित अन्य दर्जनों गांव के लोग वर्षों से उप स्वास्थ्य केंद्र को उन्नत कर प्राथमिक केंद्र बनाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस पहल नहीं हो सकी है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि चिल्हारी के साथ-साथ आसपास के कई गांवों की आबादी भी इसी केंद्र पर निर्भर है, फिर भी यहां पर्याप्त स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं।
ग्रामीणों ने शासन एवं स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि चिल्हारी में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की स्थापना कर 24 घंटे प्रसव सुविधा, चिकित्सकों की पदस्थापना, स्टाफ नर्स, दवाइयों एवं आवश्यक चिकित्सा संसाधनों की व्यवस्था की जाए, ताकि क्षेत्र की हजारों आबादी को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार नहीं किया गया तो किसी भी आपात स्थिति में बड़ी जनहानि से इंकार नहीं किया जा सकता।
क्षतिग्रस्त भवन के कारण सामुदायिक भवन में संचालित हो रहा उप स्वास्थ्य केंद्र
ग्राम चिल्हारी का उप स्वास्थ्य केंद्र स्वयं अपनी बदहाली की कहानी बयां कर रहा है। स्वास्थ्य केंद्र का मूल भवन लंबे समय से क्षतिग्रस्त होने के कारण यहां स्वास्थ्य सेवाएं सामुदायिक भवन से संचालित की जा रही हैं। भवन की कमी और सीमित संसाधनों के चलते मरीजों को अपेक्षित सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि उप स्वास्थ्य केंद्र का भवन जर्जर होने के बावजूद आज तक नए भवन का निर्माण नहीं कराया गया। सामुदायिक भवन में स्वास्थ्य सेवाएं संचालित होने से मरीजों, गर्भवती महिलाओं और स्वास्थ्य कर्मियों को असुविधाओं का सामना करना पड़ता है। क्षेत्रवासियों ने मांग की है कि उप स्वास्थ्य केंद्र के लिए शीघ्र नवीन भवन का निर्माण कराया जाए तथा इसे उन्नत कर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का दर्जा दिया जाए, ताकि क्षेत्र की हजारों आबादी को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की स्वीकृति आज तक अधर में, वर्षों पहले चिन्हित हुई थी जमीन
ग्राम चिल्हारी में उप स्वास्थ्य केंद्र को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में उन्नत करने की प्रक्रिया वर्षों पहले शुरू हुई थी। ग्रामीणों के अनुसार भोपाल स्तर से प्राप्त पत्र के आधार पर तत्कालीन मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ चौधरी तथा राजस्व विभाग नायाब तहसीलदार पटवारी की टीम चिल्हारी पहुंची थी। टीम द्वारा बस स्टैंड प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र निर्माण के लिए जमीन का निरीक्षण कर उसका चिन्हांकन किया गया था और प्रस्ताव तैयार कर उच्च स्तर पर भेजा गया था।
उस दौरान क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों द्वारा ग्रामीणों को शीघ्र ही प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की स्वीकृति मिलने का आश्वासन भी दिया गया था। इससे क्षेत्रवासियों में उम्मीद जगी थी कि जल्द ही चिल्हारी को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी, लेकिन वर्षों बीत जाने के बाद भी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की स्वीकृति नहीं मिल सकी।
ग्रामीणों का कहना है कि जमीन चिन्हित होने और प्रस्ताव भेजे जाने के बावजूद मामला आज तक फाइलों में ही अटका हुआ है। स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव में क्षेत्र की हजारों आबादी परेशान है और जनता आज भी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की स्वीकृति का इंतजार कर रही है। ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से लंबित प्रस्ताव पर शीघ्र निर्णय लेकर चिल्हारी में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की स्वीकृति प्रदान करने की मांग की है।





