नसीमखान सांची
सांची,,, नगर में लगातार हो रही बारिश के कारण जगह-जगह जलभराव की स्थिति बन गई है। इसके चलते मच्छरों की संख्या में तेजी से वृद्धि हुई है, वहीं जहरीले कीड़े-मकोड़े और अन्य विषैले जीव भी अपने बिलों में पानी भर जाने के कारण बाहर निकलकर रिहायशी क्षेत्रों की ओर आने लगे हैं। इससे नगरवासियों में भय और चिंता का माहौल है तथा संक्रामक बीमारियों के फैलने की आशंका भी बढ़ गई है।
जानकारी के अनुसार बारिश का सिलसिला शुरू होने के बाद कई स्थानों पर पानी जमा होने लगा है। जलभराव मच्छरों के पनपने के लिए अनुकूल वातावरण बना रहा है, जिससे डेंगू, मलेरिया और अन्य मच्छरजनित बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। दूसरी ओर, बिलों में पानी भर जाने से सांप, बिच्छू तथा अन्य जहरीले कीड़े-मकोड़े भी बाहर निकलकर गलियों, सड़कों और कई बार घरों तक पहुंच रहे हैं। ऐसे में बच्चों, बुजुर्गों और आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है।
नगरवासियों का कहना है कि पूर्व वर्षों में वर्षा ऋतु के दौरान नगर परिषद द्वारा नियमित रूप से कीटनाशक दवाओं का छिड़काव एवं फॉगिंग कराई जाती थी, जिससे मच्छरों और अन्य हानिकारक जीवों पर काफी हद तक नियंत्रण रहता था। लेकिन पिछले कुछ समय से ऐसे अभियान अपेक्षित स्तर पर दिखाई नहीं दे रहे हैं। परिणामस्वरूप लोगों को स्वयं ही इस समस्या से जूझना पड़ रहा है।
नगरवासियों ने नगर परिषद एवं संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों से मांग की है कि जनस्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए शीघ्र ही पूरे नगर में कीटनाशक दवाओं का छिड़काव, फॉगिंग तथा जलभराव वाले क्षेत्रों की साफ-सफाई का विशेष अभियान चलाया जाए, ताकि संभावित बीमारियों और जहरीले जीव-जंतुओं के खतरे से नागरिकों को समय रहते राहत मिल सके।
बरसात का मौसम जहां राहत लेकर आता है, वहीं लापरवाही बरती जाए तो यही मौसम बीमारियों और दुर्घटनाओं का कारण भी बन सकता है। समय रहते प्रभावी कीटनाशक छिड़काव और स्वच्छता अभियान ही नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित कर सकते हैं।





