नसीमखान सांची
जलसंवर्धन योजना, रैन बसेरा, गीता भवन, सौंदर्यीकरण एवं अतिक्रमण का मुद्दा प्रमुखता से उठाया
सांची,,, केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार को भोपाल में अपने संसदीय क्षेत्र के नगरीय निकायों के जनप्रतिनिधियों की समीक्षा बैठक आयोजित की। बैठक में नगर परिषद सांची के अध्यक्ष पप्पू रेवाराम अहिरवार ने नगर की विभिन्न लंबित समस्याओं को प्रमुखता से उठाते हुए उनके शीघ्र निराकरण की मांग की। इस दौरान केंद्रीय मंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबंधित अधिकारियों एवं कलेक्टर को आवश्यक निर्देश भी दिए।
बैठक में नगर परिषद अध्यक्ष ने बताया कि सांची में करोड़ों रुपये की लागत से संचालित जलसंवर्धन (घर-घर जलापूर्ति) योजना वर्ष 2023 तक पूर्ण होकर शुरू हो जानी थी, लेकिन निर्धारित समय बीतने के तीन वर्ष बाद भी योजना का लाभ नागरिकों को नहीं मिल सका है। इस पर केंद्रीय मंत्री ने निर्देश दिए कि यदि वर्तमान कार्य एजेंसी समयबद्ध तरीके से कार्य पूरा करने में सक्षम नहीं है तो आवश्यक कार्रवाई कर वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
अध्यक्ष रेवाराम ने रेशम केंद्र की रिक्त भूमि नगर परिषद को हस्तांतरित कर वहां गीता भवन निर्माण की मांग भी रखी। इस पर केंद्रीय मंत्री ने कलेक्टर को भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए।
बैठक में रेलवे स्टेशन से स्तूप प्रवेश द्वार तक सौंदर्यीकरण कराने तथा वर्षों से अधूरे पड़े रैन बसेरा निर्माण को पूरा कराने के लिए आवश्यक राशि उपलब्ध कराने की मांग भी रखी गई। बताया गया कि पूर्व में एक ठेकेदार द्वारा कार्य अधूरा छोड़ने के बाद दूसरे ठेकेदार को निर्माण सौंपा गया था, लेकिन इसके बावजूद रैनबसेरा निर्माण आज तक पूर्ण नहीं हो सका है, जिससे जरूरतमंद लोगों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है।
नगर परिषद अध्यक्ष ने ऐतिहासिक नगरी सांची में सरकारी भूमि पर बढ़ते अतिक्रमण का मुद्दा भी उठाते हुए कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों सहित कई स्थानों पर सरकारी भूमि पर लगातार कब्जे हो रहे हैं, जिससे भविष्य में विवाद की स्थिति भी उत्पन्न हो सकती है। इस पर केंद्रीय मंत्री ने कलेक्टर को अतिक्रमण हटाने के लिए प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
गौरतलब है कि सांची नगर में सरकारी भूमि पर अतिक्रमण को लेकर समय-समय पर शिकायतें सामने आती रही हैं। स्थानीय नागरिक भी लंबे समय से प्रभावी कार्रवाई की मांग करते रहे हैं।
बैठक में सांची से जुड़े कई महत्वपूर्ण विकास एवं जनहित के मुद्दे उठने के बाद अब नागरिकों की निगाहें इस बात पर हैं कि संबंधित विभाग केंद्रीय मंत्री के निर्देशों का पालन करते हुए लंबित कार्यों को कितनी शीघ्रता से धरातल पर उतारते हैं।





