सांची |नसीम खान
रायसेन। सरकार जहां विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा और सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, वहीं जमीनी स्तर पर व्यवस्थाओं की हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। रायसेन जिले के सांची स्थित उत्कृष्ट बालक छात्रावास में हुए औचक निरीक्षण ने ऐसी ही कई खामियों को उजागर कर दिया, जिसने न केवल व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े किए हैं बल्कि छात्रों के स्वास्थ्य और भविष्य को लेकर भी चिंता बढ़ा दी है।
प्रशासनिक अधिकारियों के निरीक्षण के दौरान भोजन व्यवस्था, पेयजल की गुणवत्ता और स्वच्छता को लेकर गंभीर लापरवाही सामने आई। निर्धारित मेन्यू और छात्रों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं में भी बड़ा अंतर देखने को मिला।
मेन्यू में दाल, थाली में सिर्फ सब्जी
निरीक्षण के दौरान सबसे चौंकाने वाली बात भोजन व्यवस्था को लेकर सामने आई। छात्रावास के मेन्यू के अनुसार छात्रों को दाल और रोटी परोसी जानी थी, लेकिन मौके पर छात्रों को केवल अरबी की सब्जी और रोटी ही दी जा रही थी। अधिकारियों ने स्वयं भोजन का स्वाद लेकर उसकी गुणवत्ता की जांच की।
प्रशासनिक अधिकारियों ने सवाल उठाया कि यदि मेन्यू में निर्धारित भोजन उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है, तो इसके लिए जवाबदेह कौन है? यह स्थिति छात्रों के पोषण और स्वास्थ्य संबंधी मानकों पर भी प्रश्नचिन्ह खड़े करती है।
एक साल से नहीं मिला खाद्यान्न, फिर कैसे चल रहा छात्रावास?
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने छात्रावास संचालन से जुड़ी जानकारी भी ली। इस दौरान यह बात सामने आई कि पिछले लगभग एक वर्ष से खाद्यान्न की नियमित उपलब्धता नहीं होने के बावजूद छात्रावास का संचालन किया जा रहा है। इस पर अधिकारियों ने संबंधित जिम्मेदारों से विस्तृत जानकारी मांगी।
हालांकि छात्रावास प्रबंधन का कहना है कि निजी खर्च और अन्य व्यवस्थाओं के माध्यम से संचालन किया जा रहा था, लेकिन निरीक्षण के दौरान आवश्यक दस्तावेज और अभिलेख संतोषजनक रूप से प्रस्तुत नहीं किए जा सके।
पेयजल और स्वच्छता व्यवस्था पर उठे सवाल
निरीक्षण के दौरान छात्रावास में स्वच्छता व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं मिली। छात्रों के उपयोग में आने वाले शौचालयों में गंदगी पाई गई। वहीं पेयजल की गुणवत्ता को लेकर भी सवाल खड़े हुए। छात्रों को उपलब्ध कराया जा रहा पानी लाल रंग का दिखाई दिया, जिसे देखकर अधिकारियों ने नाराजगी जाहिर की।
छात्रों के स्वास्थ्य से जुड़े इस गंभीर मामले को देखते हुए अधिकारियों ने तत्काल व्यवस्थाओं में सुधार के निर्देश दिए हैं।
जिम्मेदारों को दिए गए सुधार के निर्देश
प्रशासनिक अधिकारियों ने छात्रावास अधीक्षक को भोजन, पेयजल और स्वच्छता से जुड़ी सभी व्यवस्थाओं को तत्काल दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही अभिलेखों और संचालन संबंधी दस्तावेजों को व्यवस्थित रखने के लिए भी कहा गया है।
यह मामला एक बार फिर इस बात की ओर इशारा करता है कि छात्रावासों में केवल योजनाएं बनाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी नियमित निगरानी और पारदर्शी क्रियान्वयन भी उतना ही आवश्यक है। विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना केवल प्रशासनिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के भविष्य के प्रति हमारी सामूहिक प्रतिबद्धता भी है।




