नसीम खान |Live khabar india
बारिश के मौसम के बावजूद क्षेत्र में पिछले कई दिनों से आसमान में बादलों की आवाजाही तो बनी हुई है, लेकिन बारिश नहीं होने से किसान चिंता में हैं। लगातार बदलते मौसम का असर न केवल खरीफ फसलों पर पड़ रहा है, बल्कि लोगों के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव दिखाई देने लगा है।
जानकारी के अनुसार, मानसून के शुरुआती दौर में हुई बारिश से किसानों को अच्छी फसल की उम्मीद जगी थी। इसी भरोसे उन्होंने सोयाबीन और धान जैसी वर्षा आधारित फसलों की बुवाई एवं रोपाई पूरी कर ली थी। लेकिन अब लंबे समय से पर्याप्त वर्षा नहीं होने के कारण खेतों में नमी कम होती जा रही है, जिससे फसलों के प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है। किसानों का कहना है कि यदि जल्द अच्छी बारिश नहीं हुई तो उनकी मेहनत के साथ-साथ खेती में लगी लागत पर भी संकट खड़ा हो सकता है।
हालांकि, प्रतिदिन आसमान में उमड़-घुमड़ रहे बादल किसानों की उम्मीदें जगाते हैं, लेकिन बिना बारिश के लौट जाने से उनकी चिंता और बढ़ती जा रही है। अब किसान अच्छी वर्षा की प्रतीक्षा में आसमान की ओर टकटकी लगाए हुए हैं।
इधर, मौसम के लगातार बदलते मिजाज का असर लोगों के स्वास्थ्य पर भी पड़ रहा है। बुखार, सर्दी-जुकाम, उल्टी और दस्त जैसी मौसमी बीमारियों के मरीजों की संख्या में वृद्धि होने लगी है। सरकारी अस्पतालों और निजी क्लीनिकों में ऐसे मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं।
यदि जल्द ही अच्छी वर्षा नहीं हुई तो इसका सीधा असर खरीफ फसलों की पैदावार पर पड़ सकता है, वहीं बदलता मौसम स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को भी और बढ़ा सकता है।





