संडे स्पेशल: क्या आपने कभी ऐसा गांव देखा है, जहां पक्की छत बनाना माना जाता है अशुभ? जानिए विदिशा के काफ गांव की अनोखी कहानी

रिपोर्ट: नाजिर अली | विदिशा

“हर इंसान का सपना होता है कि उसके सिर पर एक मजबूत और पक्की छत हो।” लेकिन मध्यप्रदेश के विदिशा जिले में एक ऐसा गांव भी है, जहां लोगों का सपना पक्की छत नहीं, बल्कि बिना छत के ही जीवन बिताना है। यह सुनने में भले ही अजीब लगे, लेकिन जिले के काफ गांव की पहचान ही कुछ ऐसी है।

विदिशा मुख्यालय से करीब 20 किलोमीटर दूर स्थित काफ गांव पहली नजर में किसी सामान्य गांव जैसा दिखाई देता है। लेकिन जैसे ही नजर यहां के मकानों पर जाती है, एक सवाल हर किसी के मन में उठता है—आखिर लगभग हर घर की दीवारें पक्की हैं, दरवाजे लगे हैं, लेकिन ऊपर कंक्रीट की छत क्यों नहीं है?

गांव की सबसे बड़ी पहचान

काफ गांव में अधिकांश मकानों पर टीन शेड या अस्थायी छाजन दिखाई देती है। ग्रामीण बताते हैं कि पीढ़ियों से यहां पक्की छत नहीं डाली जाती। उनका विश्वास है कि यदि कोई परिवार अपने घर पर आरसीसी की छत बनवा लेता है, तो उसके साथ कोई न कोई बड़ी अनहोनी हो जाती है। इसी मान्यता के कारण आज भी लोग पक्की छत बनाने से बचते हैं।

प्रधानमंत्री आवास मिला, लेकिन छत नहीं बनी

सरकार की प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत गांव के कई परिवारों को पक्का मकान बनाने की स्वीकृति और आर्थिक सहायता मिली। दीवारें खड़ी हुईं, दरवाजे-खिड़कियां भी लग गईं, लेकिन जब छत डालने की बारी आई तो कई परिवार पीछे हट गए। उन्होंने कंक्रीट की छत की जगह टीन शेड लगाना ही बेहतर समझा।

विदिशा जिले का ग्राम काफ

ग्रामीण क्या कहते हैं?

गांव की निवासी फूलबाई कहती हैं कि उनके लिए यह केवल परंपरा नहीं, बल्कि आस्था का विषय है। उनका कहना है कि गांव में वर्षों से यही मान्यता चली आ रही है और वे किसी भी परिस्थिति में पक्की छत नहीं बनवाएंगी।
बाबूलाल प्रजापति भी बताते हैं कि उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ मिला, लेकिन उन्होंने छत नहीं डलवाई। उनका कहना है कि गांव की परंपरा और मान्यता का सम्मान करना ही उन्होंने उचित समझा।

नई पीढ़ी भी इस विश्वास से पूरी तरह अलग नहीं हुई है। गांव की सुमन बाई नया मकान बनवा रही हैं, लेकिन उन्होंने भी पक्की छत के बजाय टीन शेड लगाने का फैसला किया है। उनका कहना है कि मंदिर में परंपरागत तरीके से अनुमति ली गई और उन्हें छत न बनाने की सलाह मिली।

क्या यह आस्था है या अंधविश्वास?

गांव के लोगों के लिए यह उनकी धार्मिक मान्यता और परंपरा का हिस्सा है, जबकि कई लोग इसे अंधविश्वास मानते हैं। हालांकि, आज तक ऐसा कोई वैज्ञानिक प्रमाण सामने नहीं आया है जो यह साबित करता हो कि पक्की छत बनाने से किसी अनहोनी का संबंध है। इसके बावजूद ग्रामीण अपनी पीढ़ियों से चली आ रही मान्यता पर भरोसा करते हैं।

गांव में केवल एक पक्की छत

ग्रामीणों के अनुसार गांव के मंदिर और सरकारी स्कूल पर पक्की छत बनाई गई है, लेकिन अधिकांश निजी मकानों पर आज भी आरसीसी की छत नहीं है। गांव में 100 से अधिक घर हैं और बड़ी संख्या में लोग आज भी टीन शेड के नीचे जीवन बिता रहे हैं।

विकास और परंपरा के बीच खड़ा एक गांव

काफ गांव आधुनिक योजनाओं और पारंपरिक विश्वासों के बीच खड़ा एक अनोखा उदाहरण है। एक ओर सरकार लोगों को पक्के मकान उपलब्ध करा रही है, वहीं दूसरी ओर ग्रामीण अपनी वर्षों पुरानी मान्यता को छोड़ने के लिए तैयार नहीं हैं। यही कारण है कि यह गांव केवल विदिशा ही नहीं, बल्कि पूरे मध्यप्रदेश में चर्चा का विषय बना हुआ है।

नोट: इस रिपोर्ट में व्यक्त अनहोनी से जुड़े दावे ग्रामीणों की व्यक्तिगत मान्यताओं पर आधारित हैं।

इन दावों की वैज्ञानिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है।

Live khabar india

Related Posts

विश्व स्तनपान सप्ताह : सांची में धात्री माताओं को स्तनपान के महत्व की दी गई जानकारी।1 से 7 अगस्त तक चलेंगे जागरूकता कार्यक्रम, जन्म के प्रथम घंटे में स्तनपान कराने और छह माह तक केवल माँ का दूध पिलाने पर दिया गया जोर।

नसीमखान खान सांचीसांची,,, विश्व स्तनपान सप्ताह के अंतर्गत 1 अगस्त से 7 अगस्त तक विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इस अभियान का उद्देश्य माताओं और परिवारों को…

बारिश पूर्व तैयारियों की खुली पोल, जल निकासी के अभाव में कॉलोनी के रहवासी परेशान।वार्ड क्रमांक 14 की कॉलोनी में सड़क पर भरा गंदा पानी, कई बार शिकायत के बाद भी नहीं हुई स्थायी व्यवस्था

नसीमखान सांचीसांची,,,नगर में हर वर्ष बारिश पूर्व तैयारियों के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन पहली ही बारिश में इन तैयारियों की वास्तविकता सामने आ जाती है। जल निकासी की…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You Missed

संडे स्पेशल: क्या आपने कभी ऐसा गांव देखा है, जहां पक्की छत बनाना माना जाता है अशुभ? जानिए विदिशा के काफ गांव की अनोखी कहानी

संडे स्पेशल: क्या आपने कभी ऐसा गांव देखा है, जहां पक्की छत बनाना माना जाता है अशुभ? जानिए विदिशा के काफ गांव की अनोखी कहानी

विश्व स्तनपान सप्ताह : सांची में धात्री माताओं को स्तनपान के महत्व की दी गई जानकारी।1 से 7 अगस्त तक चलेंगे जागरूकता कार्यक्रम, जन्म के प्रथम घंटे में स्तनपान कराने और छह माह तक केवल माँ का दूध पिलाने पर दिया गया जोर।

विश्व स्तनपान सप्ताह : सांची में धात्री माताओं को स्तनपान के महत्व की दी गई जानकारी।1 से 7 अगस्त तक चलेंगे जागरूकता कार्यक्रम, जन्म के प्रथम घंटे में स्तनपान कराने और छह माह तक केवल माँ का दूध पिलाने पर दिया गया जोर।

बारिश पूर्व तैयारियों की खुली पोल, जल निकासी के अभाव में कॉलोनी के रहवासी परेशान।वार्ड क्रमांक 14 की कॉलोनी में सड़क पर भरा गंदा पानी, कई बार शिकायत के बाद भी नहीं हुई स्थायी व्यवस्था

बारिश पूर्व तैयारियों की खुली पोल, जल निकासी के अभाव में कॉलोनी के रहवासी परेशान।वार्ड क्रमांक 14 की कॉलोनी में सड़क पर भरा गंदा पानी, कई बार शिकायत के बाद भी नहीं हुई स्थायी व्यवस्था

कैंसर से जंग हार रहे पिता ने बेटे को दी जिंदगी की सबसे बड़ी सीख, सुनकर रो पड़ेंगे आप 😢

आज कांग्रेस सेवा दल ने निकाली रैली किया ध्वाजारोहण

आज कांग्रेस सेवा दल ने निकाली रैली किया ध्वाजारोहण

लूट की वारदात के तीन आरोपी चंद घंटों में गिरफ्तार, नगदी व सामान बरामद।मढ़ा के पास किसान से लूट की घटना के बाद सांची पुलिस की त्वरित घेराबंदी, वारदात में प्रयुक्त बाइक भी जब्त

लूट की वारदात के तीन आरोपी चंद घंटों में गिरफ्तार, नगदी व सामान बरामद।मढ़ा के पास किसान से लूट की घटना के बाद सांची पुलिस की त्वरित घेराबंदी, वारदात में प्रयुक्त बाइक भी जब्त