रांची। सोमवार का दिन झारखंड की राजधानी रांची के लिए भारी गहमागहमी और तनाव भरा रहा। JPSC और JSSC परीक्षाओं में हुई कथित धांधली के विरोध में सड़कों पर उतरे हजारों छात्रों और पुलिस प्रशासन के बीच जोरदार भिड़ंत हो गई। विधानसभा की ओर बढ़ रहे आक्रोशित प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस को वाटर कैनन, आंसू गैस के गोले और लाठियों का सहारा लेना पड़ा।
भीड़ और पुलिस के बीच हुआ यह टकराव इतना तीखा था कि देखते ही देखते पूरा इलाका छावनी में तब्दील हो गया। इस आपाधापी और बल प्रयोग के बावजूद छात्रों का एक समूह सुरक्षा घेरा तोड़ते हुए सीधे विधानसभा की बाउंड्री तक पहुंचने में कामयाब रहा।
एसपी ने की घायलों की पुष्टि
रांची सिटी एसपी पारस राणा ने घटनाक्रम की पुष्टि करते हुए बताया कि प्रदर्शनकारियों का एक दल विधानसभा परिसर की बाउंड्री तक पहुंच गया था। उन्होंने जानकारी दी कि इस हिंसक टकराव में पुलिस के ३ से ४ जवान और ४ से ५ प्रदर्शनकारी छात्र मामूली रूप से घायल हुए हैं।
दूसरी ओर, प्रदर्शन में शामिल कई महिला अभ्यर्थियों ने गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया कि सुरक्षाबल में तैनात पुरुष पुलिसकर्मियों ने उन पर बर्बरता से लाठीचार्ज किया है।
स्ट्रेचर पर पहुंचे देवेंद्रनाथ महतो, बाउंड्री पर दिया धरना
इस पूरे आंदोलन की सबसे भावुक और आक्रामक तस्वीर तब देखने को मिली जब पिछले ९ दिनों से अनशन पर बैठे छात्र नेता देवेंद्रनाथ महतो एंबुलेंस के जरिए प्रदर्शन स्थल पहुंचे। गंभीर स्वास्थ्य स्थिति के बावजूद वे स्ट्रेचर के सहारे ही आगे बढ़ते नजर आए।
महतो ने कहा:
“मैं भूख हड़ताल पर रहने के बावजूद अपने साथियों के हक के लिए एंबुलेंस और स्ट्रेचर के सहारे यहां आया हूं। सरकार आंसू गैस और वाटर कैनन का इस्तेमाल कर रही है, जो पूरी तरह निंदनीय है। सरकार डर गई है और जब-जब सरकार डरती है, पुलिस को आगे कर देती है। अब सरकार से तीन दौर की वार्ता हो चुकी है, अब कोई बातचीत नहीं होगी। अगर छात्रों की मांगें नहीं मानी गईं तो सरकार की कुर्सी हिल सकती है।”
महतो ने विधानसभा की बाउंड्री के बाहर ही धरना दे दिया और साथी छात्रों से रातभर वहीं डटे रहने की अपील की। उन्होंने सीधे मुख्यमंत्री पर हमला बोलते हुए कहा कि अगर सरकार निष्पक्ष जांच के आदेश नहीं देती, तो इससे साफ होता है कि परीक्षा में हुई धांधली में शीर्ष स्तर की संलिप्तता है।
विवाद की जड़: JSSC-CGL रद्द करने और CBI जांच की मांग
छात्रों का यह उग्र आंदोलन मुख्य रूप से JSSC-CGL परीक्षा को रद्द करने और पूरे प्रकरण की CBI जांच कराने की मांग को लेकर है।
हालांकि, झारखंड सरकार का दावा है कि उसने छात्रों की लगभग ९८ फीसदी मांगों पर सहमति व्यक्त कर दी है। लेकिन आंदोलनकारी इस दावे को खारिज कर रहे हैं। उनका स्पष्ट कहना है कि जब तक मुख्य मांगें पूरी नहीं होतीं, आंदोलन खत्म नहीं होगा।
इसी बीच राजनीतिक समर्थन भी सामने आने लगा है। कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने छात्रों के इस विधानसभा मार्च का खुला समर्थन करते हुए कहा कि वे इस लड़ाई में पूरी तरह छात्रों के साथ हैं।





