आमखेड़ा गांव पर राष्ट्रीय राजमार्ग आवारा पशुओं की गिरफ्त में ।दुर्घटनाओं का बढा अंधेशा

नसीम खान
सांची,,,नगर से मात्र तीन किमी दूर स्थित ग्राम आमखेड़ा जो कि ग्राम पंचायत ढकना चपना अंतर्गत आता है हर दिन राष्ट्रीय राजमार्ग पर सैकड़ो की संख्या में पशुओं का जमावड़ा लगा रहता है जिससे अनेक दुर्घटना घटित हो चुकी हैं तथा बडी दुर्घटना का अंदेशा बना रहता है परन्तु पशुओं पर लगाम नहीं लग पा रहा है।
जानकारी के अनुसार नगर से मात्र तीन किमी दूर स्थित ढकना चपना ग्राम पंचायत के ग्राम आमखेड़ा जो राष्ट्रीय राजमार्ग विदिशा भोपाल पर स्थित है इस रोड पर शाम होते ही पशुओं का जमावड़ा रोड के बीचोबीच लग जाता है जबकि इस रोड पर छोटे बडा हजारों की संख्या में वाहनों की भागदौड लगी रहती हैं जिससे वाहन चालकों को तो खासी परेशानी उठानी ही पडती हैं बल्कि पैदल चलने वाले भी परेशानी उठाने मजबूर होते है इस स्थल पर ही एक ओर गांव है तो दूसरी ओर पेट्रोल पंप बना हुआ है तथा यहां एक सडक का रूप भी घाटी नुमा हैं तो दूसरी ओर सडक मे मोड भी दिया गया है जिससे वाहन चालकों को रात्रि में काफी परेशानी उठानी पड़ती है हालांकि इस स्थल पर अनेक वाहन दुर्घटना घटित हो चुकी हैं जिससे अनेक लोग घायल हो चुके है तो अनेक लोग भयावह दुर्घटना के कारण काल के गाल मे समा चुके है बावजूद इसके पशुओं का सडक पर बैठना रुक नहीं सका ऐसा भी नहीं है कि यह सभी पशु आवारा रहते हो ।इनमे अधिकांश पालतू पशु होते है जिन्हें पशु मालिक अपने घरों में जगह न होने के कारण दूध दोह कर भगवान भरोसे छोड़ देते है हालांकि अनेक बार यह बेजुबान पशु वाहनों की चपेट में आकर घायल हो चुके है अथवा काल के गाल मे समा चुके है हालांकि इस गांव में पशुओं को घरों में रखने अनेक बार पंचायत द्वारा डोंडी पिटवा दी गई तथा चेतावनी दी गई परन्तु पशुओं पर लगाम नहीं लग सकी इतना ही नहीं इस गांव में ही एक खेल स्टेडियम बना हुआ है पंचायत द्वारा अनेक बार पशुओं को इस खेल स्टेडियम में छोडा गया तथा गेट बंद कर दिया गया जिससे सडकें पशु विहीन हो सके परन्तु इस सूने क्षेत्र में बाहरी लोगों द्वारा अपनी अनैतिक गतिविधियों को अंजाम देने का ठिकाना बना डाला तथा लोगों द्वारा रात्रि में गेट खोला जाने लगा जिससे यह पशु पुनः सडकों की ओर रुख कर सडकों पर कब्जा करते रहे तब पंचायत द्वारा पशुओं को इस स्टेडियम में पशुओं को अंदर कर गेट मे ताला लगाने के प्रयास किये गए परन्तु तथाकथित लोगो द्वारा ताला भी क ई बार तोड़ दिया गया इसकी शिकायत भी पुलिस मे दर्ज कराई गई ।हालांकि इस क्षेत्र में बडे हिस्से पर विद्धुत मंडल द्वारा अपना सबस्टेशन बनाया गया है तथा कुछ क्षेत्र पर उप तहसील कार्यालय का निर्माण कराया गया है बताया जाता हैं कुछ क्षेत्र पर्यटन विकास निगम के लिए आरक्षित किया गया है तथा दूसरी ओर हेलीपैड एवं वनविभाग काआरक्षित क्षेत्र होने के कारण पशुओं के लिए कोई रिक्त भूमि न होने से सडक ही सहारा बन गई इतना ही नहीं पंचायत द्वारा इन पशुओं को अन्यत्र ले जाने संसाधनों के अभाव के कारण मुश्किल पडता दिखाई दे रहा है हालांकि विगत दिनों ग्राम पंचायत मुख्यालय ग्राम ढकना चपना पर पहुंचे अतिरिक्त कलेक्टर के संज्ञान में भी इस समस्या को उठाया गया था परन्तु अतिरिक्त कलेक्टर द्वारा भी रिक्त भूमि पर गौशाला निर्माण हेतु स्वीकृति करवाने का आश्वासन दिया जबकि अब ग्राम आमखेड़ा की समस्त रिक्त भूमि को अनेक विभागों को आंवटित होने के कारण प्रायः समाप्त सी हो चुकी हैं तब आवारा पशुओं का ठिकाना सडकों पर बंद होना मुश्किल पडता दिखाई दे रहा है तथा लगातार आवारा पशुओं का जमावड़ा सडकों पर लगने से आम आदमी तो परेशान है ही बल्कि गांव के लोगों को भी समस्या से जूझना पड़ रहा है इसके साथ ही राष्ट्रीय राजमार्ग पर हजारों की संख्या में अंधी रफ्तार से दौडऩे वाले छोटे बडे वाहनों के इन पशुओं के कारण दुर्घटना का अंदेशा जताया जा रहा है तथा इन पशुओं के जमावड़े से जहाँ असमय काल के गाल मे समाने का खतरा बढ़ गया है तो दूसरी ओर वाहन दुर्घटना का भी खतरा बढ़ रहा है हालांकि इन पशुओं के कारण पहले भी अनेक दुर्घटना घटित होने के मामले सामने आ चुके है ।इस मामले में इनका कहना है।।
सडकों पर बैठने वाले पशुओं में कुछ आवारा हैं तो अधिकांश पालतू भी हैं हमने डोडी के माध्यम से लोगो से अपील की कि अपने पशुओं को अपने घरों में रखे ।ऐसा न करने पर हमनें सडकों से पशुओं को हटाकर रिक्त पड़े खेल स्टेडियम में भी रखने का प्रयास किया परन्तु वहां भी लोगो द्वारा ताले तोड़कर पशुओं को बाहर निकाल दिया गया यहां तक कि स्टेडियम के दरवाजे खिडकी तक तोड़ डाली गई हमने इसकी शिकायत पुलिस मे भी दर्ज कराई है तथा हमने विगत दिनों पंचायत कार्यालय में आये अतिरिक्त कलेक्टर को भी समस्या से अवगत कराया है तथा हमने उनसे इन पशुओं को बाहर ले जाने के लिए संसाधनों की मांग की है जिससे इन पशुओं को दूर दराज गौशालाओं मे छोडा जा सके ।जिससे पशु सडकों से हट सकें ।कोमल सिंह मालवीय सरपंच ग्राम पंचायत ढकना चपना

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