नसीम खान
सांची,,,नगर के निराश्रित लोगों को आशियाना उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बस स्टैंड परिसर में लाखों रुपये की लागत से स्वीकृत किया गया रैनबसेरा वर्षों बाद भी पूरा नहीं हो सका है। निर्माण कार्य कई वर्षों से अधूरा पड़ा होने के कारण जरूरतमंदों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। वहीं, अधूरा भवन अब गंदगी और अव्यवस्था की चपेट में आ गया है।
जानकारी के अनुसार, शासन द्वारा दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन (डीएवाई-एनयूएलएम) के अंतर्गत नगर के निराश्रित लोगों के लिए बस स्टैंड परिसर में रैनबसेरा निर्माण की स्वीकृति दी गई थी। लगभग 37 लाख रुपये की लागत से वर्ष 2021 में इसका निर्माण शुरू हुआ था। प्रारंभिक निर्माण एजेंसी द्वारा समय पर कार्य पूरा नहीं करने और निर्माण में अपेक्षित गति नहीं आने पर नगर परिषद द्वारा संबंधित ठेकेदार को नोटिस जारी किए गए। इसके बाद भी स्थिति में सुधार नहीं होने पर ठेका निरस्त करने की कार्रवाई की गई।
इसके पश्चात निर्माण की पुनः प्रक्रिया शुरू कर दूसरी निर्माण एजेंसी से कार्य कराया गया। दूसरी एजेंसी ने अपेक्षाकृत तेजी से काम करते हुए भवन को छत स्तर तक पहुंचा दिया, लेकिन इसके बाद राशि का संकट निर्माण में बाधा बन गया।
बताया जाता है कि निर्धारित समयावधि में निर्माण कार्य पूरा नहीं होने के कारण पूर्व में स्वीकृत राशि शासन स्तर से वापस हो गई थी। इसके बाद नगर परिषद द्वारा अन्य मदों से राशि खर्च कर निर्माण कार्य को आगे बढ़ाया गया। परिषद द्वारा शेष निर्माण पूरा कराने के लिए राशि आवंटित किए जाने की मांग को लेकर शासन स्तर पर लगातार पत्राचार किया जाता रहा, लेकिन अब तक अपेक्षित राशि उपलब्ध नहीं हो सकी। इसके चलते निर्माण कार्य लंबे समय से बंद पड़ा है।
नगर परिषद के अनुसार, रैनबसेरा निर्माण पर अब तक अन्य मदों से राशि खर्च की जा चुकी है और शेष कार्य पूरा करने के लिए राशि की मांग की गई है। इधर, वर्षों से अधूरे पड़े भवन की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है। निर्माण स्थल पर लोगों ने कचरा डालना शुरू कर दिया है, जबकि अधूरा भवन शौच एवं मूत्र त्याग का स्थान भी बनता जा रहा है। इससे जहां भवन की दुर्दशा हो रही है, वहीं आसपास गंदगी और अस्वच्छता का वातावरण बना हुआ है।
नगर में आज भी कई निराश्रित लोग स्थायी आश्रय के अभाव में यहां-वहां रात गुजारने को मजबूर हैं। ऐसे में जिस रैनबसेरा से उन्हें सुरक्षित ठिकाना मिलने की उम्मीद थी, उसका निर्माण वर्षों से अधूरा पड़ा होना व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है। जरूरतमंदों को सुविधा मिलने के बजाय निर्माण स्थल स्वयं उपेक्षा और अव्यवस्था का उदाहरण बनता जा रहा है।
क्या कहते हैं जिम्मेदार
पप्पू रेवाराम, अध्यक्ष नगर परिषद सांची ने बताया कि रैनबसेरा निर्माण की स्वीकृत राशि वापस चली गई थी। इसके बाद अन्य मदों से निर्माण कार्य कराया गया है। निर्माण पूरा कराने के लिए राशि आवंटन की मांग की गई है। राशि मिलते ही शीघ्र निर्माण कार्य पूर्ण कराया जाएगा।
रामलाल कुशवाहा, सीएमओ नगर परिषद सांची ने बताया कि पूर्व ठेकेदार द्वारा समय पर कार्य पूरा नहीं किए जाने के कारण निर्माण के लिए आवंटित राशि शासन स्तर पर वापस चली गई थी। परिषद द्वारा लगातार शासन को पत्राचार किया जा रहा है। जैसे ही राशि आवंटित होगी, रैनबसेरा का निर्माण शीघ्र पूरा कराकर निराश्रितों को सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।





