नसीम खान
सांची,,, आगामी रबी फसलों की सिंचाई के लिए किसानों को समय पर पानी उपलब्ध कराने सिंचाई विभाग ने अभी से तैयारियां शुरू कर दी हैं। हलाली डेम से नहरों के माध्यम से खेतों तक पानी पहुंचाने की व्यवस्था को सुचारु बनाने के लिए विभाग द्वारा जगह-जगह नहरों की सफाई कराई जा रही है। साथ ही पानी के प्रवाह में बाधा बनने वाली मिट्टी को हटाने का काम भी किया जा रहा है, जिससे किसानों को जरूरत के समय सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराया जा सके।
जानकारी के अनुसार, किसान अभी धान और सोयाबीन की फसलों की कटाई एवं अन्य कार्यों से पूरी तरह निपट भी नहीं पाए हैं कि अब आगामी रबी सीजन की गेहूं, चना और मसूर जैसी फसलों की तैयारी में जुटने लगे हैं। इन फसलों की बुवाई और बेहतर उत्पादन के लिए समय पर सिंचाई की व्यवस्था बेहद महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में किसानों की जरूरत को देखते हुए नहरों की सफाई और पानी के सुचारु प्रवाह की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।
हलाली डेम पर निर्भर हैं सैकड़ों गांवों के किसान
क्षेत्र के सांची, उचेर, मढ़ा, मढ़वाई, अन्होरी, बेरखेड़ी, धनियाखेड़ी, ऐरन, गुलगांव, चिरोली, सरचंपा, बांसखेड़ा और मुरलीखेड़ी सहित सैकड़ों गांवों के किसान सिंचाई के लिए हलाली डेम के पानी पर निर्भर रहते हैं। इन गांवों के खेतों तक नहरों के माध्यम से पानी पहुंचाने में हलाली डेम की महत्वपूर्ण भूमिका है। फसलों की आवश्यकता के अनुसार सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध होने से किसानों को खेती संबंधी कार्यों में सुविधा मिलती है।
समय पर पानी पहुंचाने की तैयारी
आगामी फसलों की सिंचाई के दौरान नहरों में पानी के प्रवाह में किसी तरह की बाधा न आए, इसके लिए विभाग द्वारा सफाई कार्य पर जोर दिया जा रहा है। नहरों में जमा मिट्टी और अन्य अवरोध हटाने से पानी खेतों तक सुचारु रूप से पहुंच सकेगा। विभाग की इन तैयारियों से किसानों को रबी फसलों की सिंचाई के लिए समय पर पानी उपलब्ध कराने की व्यवस्था मजबूत होने की उम्मीद है। अब किसानों को इंतजार है कि फसलों की जरूरत के समय नहरों के माध्यम से पर्याप्त पानी उपलब्ध हो सके।





