नसीम खान
सांची। नगर परिषद अध्यक्ष पप्पू रेवाराम अहिरवार के प्रतिनिधित्व वाले वार्ड क्रमांक 3 में व्याप्त समस्याओं को लेकर कांग्रेस वार्ड अध्यक्ष प्रभुदयाल अहिरवार ने नगर परिषद प्रशासन पर उपेक्षा के आरोप लगाए हैं। उन्होंने अनेक लोगों के हस्ताक्षरों युक्त ज्ञापन सीएमओ रामलाल कुशवाहा को सौंपकर विभिन्न समस्याओं की जांच कराने और कार्रवाई की मांग की है। ज्ञापन में सात दिन के भीतर कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन करने की चेतावनी भी दी गई है।
ज्ञापन में कांग्रेस वार्ड अध्यक्ष ने आरोप लगाया है कि एक व्यक्ति को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से नाली तोड़कर निर्माण कार्य कराया जा रहा है। वार्ड में सौर ऊर्जा से संचालित लाइटें गायब होने के बावजूद उनके खंभे खड़े हैं। इसके अलावा जगह-जगह कचरे के ढेर लगे रहने से बीमारियां फैलने का खतरा बना हुआ है। उन्होंने सड़क और नालियों के निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाते हुए मौके पर जांच कराने की मांग की है। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि नालियां बनी होने के बावजूद सड़क पर पानी बह रहा है। कांग्रेस वार्ड अध्यक्ष ने इन समस्याओं के निराकरण के लिए जांच कर उचित कार्रवाई की मांग की है।
नप अध्यक्ष ने आरोपों को बताया निराधार
वहीं, नगर परिषद अध्यक्ष पप्पू रेवाराम अहिरवार ने कांग्रेस वार्ड अध्यक्ष द्वारा लगाए गए आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि आरोप लगाने वाले व्यक्ति स्वयं अपने परिवार के लिए चार बार आवास योजना का लाभ ले चुके हैं और अब एक अन्य आवास योजना की मांग कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि नाली निर्माण कार्य में बाधा डाली जा रही है, जबकि सड़क तक अतिक्रमण किया गया है।
नप अध्यक्ष ने कहा कि वार्ड में नालियों की सफाई के बाद निकलने वाले कचरे को वाहनों के माध्यम से उठाया जाता है। उनके अनुसार, नाली निर्माण में बाधा के कारण ही सड़क पर पानी बहने की समस्या उत्पन्न हो रही है। उन्होंने कहा कि वार्ड के विकास में राजनीति से ऊपर उठकर सहयोग किया जाना चाहिए, ताकि विकास कार्य आगे बढ़ सकें। उनके मुताबिक, वार्ड में निर्माण कार्य पारदर्शिता और गुणवत्ता के साथ कराए गए हैं। उन्होंने कांग्रेस वार्ड अध्यक्ष के सभी आरोपों को निराधार बताया।
ज्ञापन सौंपने वालों में कांग्रेस वार्ड अध्यक्ष प्रभुदयाल अहिरवार के अलावा कांग्रेस नेता ऋषभकुमार जैन, राकेश अहिरवार, दीवान सिंह, मिथुन सहित अन्य लोग शामिल रहे।
अब जांच और कार्रवाई पर टिकी नजरें।





