विश्व पर्यावरण दिवस जिला अस्पताल में वृक्षारोपण कर कर मनाया गया अगर हम सबको चाहिए इस धरती का कल्याण, तो पर्यावरण सुरक्षा का चलाना पड़ेगा अभियान ।
क्योंकि पर्यावरण सुरक्षित तो हम सुरक्षित, प्राकृतिक संसाधनों से खिलवाड़ न करें॥
पर्यावरण की सुरक्षा के लिए कदम उठाएं, इसी उद्देश्य के साथ पर्यावरण दिवस मनाएं॥


(करन गुप्ता डिंडोरी)

डिंडोरी _विश्व पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य में *ज़िला डिंडोरी * में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ रमेश मरावी के निर्देशन में विश्व पर्यावरण दिवस धूम धाम से मनाया गया
जिसमें सिविल सर्जन डॉ अजय राज, डीएमओ डॉ ब्रजेश पटेल, NPCCHH नोडल डॉ अभिषेक मिश्रा, DPM/DCM श्री दिलीप कछवाहा, ज़िला लेखा प्रबंधक श्री आशीष एदलाबादकर, ज़िला समन्वयक श्री ओम प्रकाश उरेती, परियोजना समन्वयक श्री सुरेंद्र जैतवार, परामर्श दाता श्री श्रवण मोहारी, प्रशिक्षक श्री दीपक यादव, डीईओ श्री अनिल साहू , पीयर एजुकेटर्स एवं समस्त स्टाफ़ के द्वारा ज़िला अस्पताल एवं सीएमएचओ कार्यालय के परिसर में *पर्यावरण जागरूकता हेतु रैली, रंगोली, वृक्षारोपण, स्वास्थ्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा पर्यावरण संरक्षण हेतु शपथ, पर्यावरण का स्वास्थ्य पर प्रभाव एवं पर्यावरण संरक्षण पर संगोष्ठी, दीवार नारा लेखन इत्यादि प्रतियोगिताएँ एवं कार्यक्रम संपादित किए गए*
NPCCHH नोडल डॉ अभिषेक मिश्रा के द्वारा बताया गया, कि आज पर्यावरण असंतुलन हो गया है, पर्यावरण दिवस को हम कुछ ठोस संकल्पों के साथ मनाएं, जिसमें पर्यावरण सप्ताह/ पखवाड़ा की तरह सार्वजनिक स्थानों पर पौधारोपण करें तथा वर्ष भर उनकी देखभाल का भी संकल्प लें, जीरो वेस्ट तकनीकी ओर बढ़े, आने वाली पीढ़ी के लिए कुछ तो ऑक्सीजन, जल, प्राकृतिक संसाधन छोड़कर हम जाएं, एक पौधे को बड़ा होने में 5 से 7 साल लग जाते हैं, बारिश आने वाली है, फलदार और छायादार पौधे अवश्य लगाएं और लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरूक करें,जिससे हम सब मिलकर के पर्यावरण को संतुलित कर सकते हैं, आज मौसम बदल रहा है गर्मी के समय बारिश हो रही है, कारण यही है कि पेड़ पौधे और जंगल कम हो गए हैं, आज हम सभी विश्व पर्यावरण दिवस पर संकल्प ले, कि हम कम से कम एक पौधा अवश्य लगाएंगे और उसकी सुरक्षा करेंगे, ताकि आने वाले समय में पर्यावरण प्रदूषण को रोका जा सके, पर्यावरण प्रदूषण को रोकने के लिए पॉलिथीन का भी प्रयोग हम सब को बंद करना होगा, क्योंकि पॉलिथीन की रीसाइक्लिंग नहीं होती और यह हमारी जमीन को बंजर कर देती है, पॉलिथीन के कारण पशुओं की भी असमय मौत हो जाती है, सभी से आग्रह है कि जब भी बाजार या मार्केट जाएं, तो अपने साथ एक कपड़े का थैला लेकर जरूर जाए, ताकि हम पॉलिथीन का बहिष्कार करेंगे, तो पॉलिथीन का उपयोग भी धीरे धीरे बंद हो जाएगा ॥



आज विश्व पर्यावरण दिवस पर ज़िले की समस्त सीएचसी, पीएचसी, एसएचसी एवं ग्राम स्तर पर भी वृक्षारोपण के साथ साथ रंगोली, पोस्टर प्रतियोगिता, चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित करायी गई, जिसमें सीबीएमओ/ बीएमओ के मार्ग दर्शन में समस्त मेडिकल ऑफ़िसर्स, CHO, ANMs, MPW, सेक्टर सुपरवाइज़र, आशा कार्यकर्ता, ने बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया एवं कार्यक्रम को सफल बनाया ।

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