नसीमखान सांची
सांची,,, विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी सांची में स्टेशन से स्तूप मार्ग तक फैला अतिक्रमण अब गंभीर समस्या का रूप लेता जा रहा है। ऐतिहासिक महत्व वाले इस मार्ग पर सड़क और फुटपाथ तक अस्थायी अतिक्रमण की चपेट में आ चुके हैं, जिससे पर्यटकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मामले को लेकर पुरातत्व विभाग ने भी आपत्ति दर्ज कराते हुए प्रशासन से मार्ग को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग की है।
जानकारी के अनुसार सांची विश्व धरोहर स्थल के रूप में देश-विदेश में अपनी अलग पहचान रखता है। यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में पर्यटक और विशिष्ट अतिथि स्तूपों के दर्शन एवं ऐतिहासिक धरोहरों के अवलोकन के लिए पहुंचते हैं। इसके बावजूद नगर की मुख्य सड़कें और विशेषकर स्टेशन से स्तूप जाने वाला मार्ग अतिक्रमण की गिरफ्त में है। सड़क किनारे हाथ ठेले, गुमठियां और अस्थायी दुकानें लगने से यातायात प्रभावित हो रहा है तथा पर्यटकों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
हालांकि पूर्व में कई बार प्रशासन द्वारा अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई, लेकिन स्थायी वैकल्पिक व्यवस्था नहीं होने के कारण स्थिति दोबारा जस की तस हो जाती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि छोटे दुकानदार और हाथठेला संचालक अपनी आजीविका चलाने के लिए सड़क किनारे व्यवसाय करने को मजबूर हैं। यदि प्रशासन इनके लिए उचित स्थान निर्धारित करे तो समस्या का स्थायी समाधान संभव हो सकता है।
बताया जाता है कि नगर के मुख्य बाजार क्षेत्र में विशेष क्षेत्र प्राधिकरण द्वारा व्यापारियों के लिए बाजार भी निर्मित कराया गया था, इसके बावजूद अतिक्रमण लगातार बढ़ता गया। स्थिति यह है कि राष्ट्रीय राजमार्ग सहित मुख्य मार्गों तक पर कब्जे फैल चुके हैं। चर्चा यह भी है कि कुछ लोगों द्वारा सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा कर उसे किराये पर देने और बेचने का कारोबार भी किया जा रहा है, जिस पर प्रशासनिक उदासीनता सवाल खड़े कर रही है।
इधर नगर परिषद प्रशासन ने हाल ही में मुनादी कराकर अतिक्रमणकारियों को तीन दिन के भीतर स्वयं अतिक्रमण हटाने की चेतावनी दी है। प्रशासन का कहना है कि समय सीमा समाप्त होने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
इनका कहना है
“स्टेशन से स्तूप मार्ग पूरी तरह अतिक्रमण की चपेट में है। सड़क किनारे वाहन खड़े रहने से पर्यटकों को परेशानी होती है। इस संबंध में पहले भी तहसीलदार और नगर परिषद को कई पत्र भेजे जा चुके हैं, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं हो सका है।”
— संदीप मेहतो, स्तूप प्रभारी
“पुरातत्व विभाग का पत्र प्राप्त हुआ था। समय-समय पर अतिक्रमण हटवाया गया है। मामले को दिखवाकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।”
— ललित सक्सेना, नायब तहसीलदार
“पुरातत्व विभाग का पत्र मिलने के बाद पूरे नगर में अतिक्रमण हटाने की घोषणा कराई गई है। लोगों को तीन दिन का समय दिया गया है कि वे स्वयं अतिक्रमण हटा लें, अन्यथा प्रशासन कार्रवाई करेगा। छोटे दुकानदारों और हाथठेला संचालकों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था भी की जाएगी।”
— रामलाल कुशवाहा, सीएमओ सांची
विश्व धरोहर नगरी की गरिमा बनाए रखने के लिए अब प्रशासनिक सख्ती और स्थायी समाधान दोनों की आवश्यकता महसूस की जा रही है।





