लाइव खबर डेस्क
सीधी:- देश भर मे सुर्खियों पर रहे पेशाब कांड की आग दिनो दिन धधकती जा रही है। एक तरफ प्रदेश सरकार डैमेज कंट्रोल के लिए पूरी ताकत लगा दी है दूसरी तरफ प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस आदिवासी वोट बैंक को खींचने के लिए पुरजोर कोशिश में लगी हुई है।
बता दें कि जिले के कुबरी पेशाब कांड के पीडि़त दशमत रावत को बुधवार की देर शाम जिला प्रशासन द्वारा मुख्यमंत्री से मिलने भोपाल भेज दिया गया था जिसकी जानकारी मिलने पर सिहावल विधायक कमलेश्वर पटेल दशमत के घर पहुंचकर धरने पर बैठ गए। जैसे ही इसकी जानकारी सीधी विधायक केदारनाथ शुक्ल को लगी वह भी पीडि़त की पत्नी से मिलने तथा हर संभव न्याय दिलाने का आश्वासन देने पहुंच गए। स्थिति यह रही कि दोनो नेताओं के समर्थकों के बीच बढ़ती कहा सुनी के बीच पुलिस ने मोर्चा सम्हाल विवाद को रोंक दिया। उधर दशमत की वापसी न होने पर अगले दिन कांग्रेस ने शहर के गांधी चौक में आंदोलन प्रदर्शन कर अंबेडकर चौक तक पैदल मार्च करते हुए सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर एसडीएम गोपदबनास नीलेश शर्मा को 24 घंटे का समय दिया गया था। हलाकि गुरूवार देर रात ही दशमत रावत अपने घर पहुंए गए। उधर भाजपा द्वारा पूरे मामले की छानबीन के लिए गठित की गई टीम के प्रभारी तथा राज्य कोल विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष रामलाल रौतेल पीड़ित के घर पहुंचकर पूरे मामले की तहकीकात शुरू कर दी है।






