वसीम कुरैशी रिपोर्टर
रायसेन।जिस स्वास्थ्य विभाग पर बीमारियों की रोकथाम का जिम्मा है। उसी विभाग के परिसर में बारिश का पानी सड़ने के साथ ही वहां पर मलेरिया और डेंगू मच्छर का लार्वा पनप रहा है। ऐसी स्थिति में विभाग के अधिकारी पूरे जिले में इन बीमारियों की रोकथाम की दिशा में क्या कदम उठा रहे हैं।वह उनके परिसर को देखकर ही समझा जा सकता है।स्थिति यह है कि सीएमएचओ दफ्तर परिसर में भरे बारिश के गंदे पानी में मच्छरों का लार्वा पनप रहा है।
डेंगू मलेरिया के हुए दोगुने मरीज…
यही कारण है कि जिले में लगातार मलेरिया और डेंगू के मरीज बढ़ते जा रहे हैं। इस साल जिले भर में पिछले साल के मुकाबले दोगुने मरीज डेंगू और मलेरिया के मिल चुके हैं। जिले में मलेरिया के 30 और डेंगू के 14 मरीज अब तक मिले हैं। जबकि पिछले साल डेंगू के 8 और मलेरिया के 7 मरीज ही मिले थे। जिन लोगों को डेंगू ने अपनी चपेट में लिया है।उन मरीजों को तो भोपाल या फिर दूसरे शहरों में जाकर अपना इलाज करवाने के लिए मजबूर होना पड़ा है।
कार्रवाई के नाम पर इतिश्री: खाली प्लाटों पर मकान नहीं बन पा रहे शहर की सभी कॉलोनियों में 15 से 20 प्लॉट ऐसे मिल जाएंगे।जो लोगों ने खरीद तो लिए हैं।लेकिन उन पर मकान नहीं बनाया है। ऐसी स्थिति में यह प्लॉट कॉलोनियों में खाली पड़े हैं।जिनमें बारिश का पानी एकत्रित होने से वह सड़ने लगा है। इसमें मच्छर, मक्खी सहित अन्य जहरीले जीव जंतु पनप रहे हैं। मलेरिया और डेंगू मच्छर का लार्वा पनप रहा है। नपा हर साल खाली प्लाट मालिकों को पानी निकासी करवाने के लिए नोटिस भी देती है।लेकिन उन पर ठोस कार्रवाई करने की हिम्मत नहीं जुटा पाती। इससे खाली प्लाटों पर मकान नहीं बन पा रहे हैं। शहर की इन कॉलोनियों में भरा है बारिश का पानी, इनमें पनप रहा डेंगू का लार्वा ।रायसेन शहर में पटेल नगर, अशोक नगर, यशवंत नगर, रामलीला क्षेत्र, शीतल सिटी ,अस्पातल के पीछे सरकारी क्वार्टर वाला क्षेत्र, सांई विहार कॉलोनी, रामपुर कॉलोनी साईं बिहार कॉलोनी सहित अन्य कॉलोनियों में 300 से ज्यादा प्लॉटों में बारिश का पानी भरा हुआ है।जो यहां पर रहने वाले लोगों के लिए मुसीबत का कारण बन रहा है। बारिश का पानी सड़ने और उसमें मच्छर का लार्वा पनपने से कई प्रकार की बीमारियों से लोग पीड़ित हो रहे हैं।
इनका कहना है…..
बीमारियों से बचने पानी निकासी की व्यवस्था जरूरी…..
जिले में पिछले साल के मुकाबले इस साल डेंगू और मलेरिया के मरीज ज्यादा मिल रहे हैं। अब तक मलेरिया के 30 और डेंगू के 14 मरीज मिल चुके हैं। इस कारण बारिश का थमना और गली-मोहल्लों में पानी जमा हो जाना मुख्य कारण है। इन बीमारियों से बचने के लिए पानी निकासी की व्यवस्था होना जरूरी है। -डॉॅ. प्रियवंदा गुप्ता, जिला मलेरिया अधिकारी रायसेन
डेंगू, मलेरिया के ये हैं लक्षण डेंगू डेन नामक वायरस के कारण होता है, जो मच्छर के काटने से फैलता है। व्यक्ति को दो से सात दिन तक बुखार, सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द, जोड़ों में दर्द, आंखों के आसपास दर्द होना, छाती और दोनों हाथों में लाल चकत्ते दाने एवं संक्रमण की गंभीर अवस्था में नाक, मसूड़ों, पेट या आंत से खून का रिसाव होता है।
2019 में मिले थे सबसे ज्यादा 156 डेंगू के मरीज …..
रायसेन जिले में 2019 में सबसे ज्यादा 156 डेंगू के मरीज मिले थे। 2020-21 और 2022 में कोरोना संक्रमण के कारण लोगों द्वारा घरों में साफ-सफाई रखने से मरीजों की संख्या में कमी आई थी। इन सालों में नाम मात्र के ही मरीज मिले थे। 2019 के बाद 2023 में मलेरिया और डेंगू के मरीज ज्यादा मिल रहे हैं। इस स्थिति ने स्वास्थ्य विभाग और नगरीय निकायों की मुश्किलों को बढ़ा दिया है।
नसीम खान संपादक






