,, जांजगीर-चांपा छत्तीसगढ़
संवाददाता दिलेसर चौहान
मंडी प्रभारी द्वारा पत्रकारों से किया जा रहा दुर्व्यवहार समाचार बनने से कल ई खुलने का सता रहा भय ।
कुदरत की कहर से किसान एवं धान खरीदी प्रभारी चिंतित है
उनके खाते में अभी तक धान का पैसा नहीं आने से बैंक के चक्कर लगा रहें हैं
वहीं धान खरीदी प्रभारी खुले में रखें हजारों बोरी धान भीग रहे हैं।
भीगे हुए धान को भी जल्द से जल्द राइस मिल पहुंचने कि कोसीस है। वहीं किसानों के टोकन काटने को भी लेकर अनमियता बरती जा रही है,
कोटमी नैला ,में धान प्रभारी पत्रकारों को समाचार बनाने भी नहीं दे रहा। पत्रकारों को समाचार बनाने से रोकने का हो रहे हैं प्रयास
धान के रखरखाव भीगे हुए धान नाप तोल में मनमानी कर सरकार को राजस्व की हानि पहुंचा रही है।
किसनो की हक को, मारकर मालामाल हो रहे हैं, किसान अन्नदाता है, और सरकार भी उसके प्रति गंभीर है
सरकार के द्वारा₹3100 प्रति क्विंटल धान खरीदी जा रही है मिलक्ट्रिक टन धान रिकॉर्ड खरीदी जा चुकी है।
बरसात में टोकन नहीं काटने से भी किसान परेशान है
नहीं, उनके खाते में अभी तक धान के पैसे ना आना बैंकों में भी लंबी कतारे देखने को मिल रही है
कुदरत की कहर और मंडी प्रभारी की मनमानी से किसानो को नुकसान हो रहा है
मुख्यमंत्री किसन की एक-एक बीच की समर्थन मूल्य पर दाम मिले ऐसा प्रयास किया जा रहा है।






