नसीम खान
• साँची ,बौद्ध भारतीय-ज्ञान अध्ययन विश्वविद्यालय और शासकीय कन्या महाविद्यालय रायसेन का आयोजन
• पांच दिन तक होंगे योग एवं ध्यान विषयक आयोजन
योग एवं ध्यान विषयक पांच दिवसीय व्याख्यान माला का शुभारंभ शासकीय कन्या महाविद्यालय रायसेन में किया गया। सांची बौद्ध-भारतीय ज्ञान अध्ययन विश्वविद्यालय के प्रभारी कुलपति प्रो. नवीन कुमार मेहता उद्घाटन कार्यक्रम के मुख्य अतिथि थे। प्रो मेहता ने बताया कि योग सिद्धांत के साथ-साथ व्यवहारिक ज्ञान है। उन्होने सफल होनेके लिए तीन मापदंड इच्छा, समर्पण एवं अनुशासन को आवश्यक बताया। उन्होने कहा कि योग जीवन को आनंदित करने का मार्ग है। कार्यक्रम की अध्यक्षता शासकीय कन्या महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. विनोद सेंगर ने की।
उद्घाटन सत्र का मुख्य व्याख्यान साँची विश्वविद्यालय के योग एवं आयुर्वेद विभागाध्यक्ष डॉ. उपेंद्र बाबू खत्री ने ‘अथातो योग जिज्ञासा’ विषय पर दिया। उन्होने कहा कि योग आनुभाविक यात्रा है। योग के माध्यम से चेतना की यात्रा की जाती है। योग चेतना को स्वच्छ एवं निर्मल बना देता है । जीवन को देखने का नाम ध्यान है। ध्यान से अद्वैत भाव विकसित होता है योग एवं ध्यान के माध्यम से ही जीवन की परिपूर्णता को प्राप्त किया जा सकता है।
कार्यक्रम में साँची विश्वविद्यालय के योग एवं आयुर्वेद विभाग के शोधार्थी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे। महाविद्यालय का समस्त स्टाफ, विद्यार्थी एवं कर्मचारी गण उपस्थित रहे। आगामी दिनों में भी योग एवं ध्यान संबंधी विभिन्न आयोजन किये जाएंगे।






