इन दिनों सांची को विदिशा मे शामिल करने को लेकर उठने लगे विरोध के स्वर ।हो सकता है बडा आंदोलन । सभी राजनीतिक दल आये एक मंच पर।

नसीमखान
सांंची,,,, सांंची रायसेन जिले का एक मात्र ऐतिहासिक स्थल माना जाता है यह स्थल रायसेन की पहचान होने से देश विदेश से जुडा हुआ है ।इन दिनों सांंची को विदिशा मे शामिल करने की चर्चा तेजी से चल रही हैं तो दूसरी तरफ सांची को विदिशा मे मिलाने पर इस स्थल सहित जिले भर मे विरोध के स्वर सुनाई देने लगे हैं इतना ही नहीं इस मुद्दे को लेकर सभी राजनीतिक दल के नेता एक ही मंच पर दिखाई देने लगे हैं ।इसके साथ ही इस स्थल से छेडछाड पर बडे आंदोलन की तैयारी भी शुरू हो चुकी हैं।
जानकारी के अनुसार सांंची को विदिशा मे मिलाने की चर्चा जोरों पर चल रही हैं तथा लोगों मे असमंजस की स्थिति बन गई है इस मामले को लेकर लोगो मे खासी नाराजगी बढ गई हैं जबकि इस स्थल को लेकर विदिशा मे मिलाये जाने की हवा फैलने से लोग हैरान दिखाई देने लगे हैं जबकि इस स्थल की सीमा से ही लगा हुआ विदिशा जिला है तथा विदिशा के अधिकांश लोग यहाँ आते जाते रहते हैं इसके साथ ही अनेक विदिशा के संपन्न लोगों द्वारा यहां सीमा से लगे क्षेत्र से ही भूमियाँ खरीदफरोख्त कर कृषि भूमि को तहसनहस कर व्यवसायिक भूमि में बदलाव कर डाला तथा बडे बडे कारोबार फैला लिए हैं इसके साथ तथा इस क्षेत्र में आने वाले आपराधिक तत्वों पर भी कडी निगरानी बनी रहती हैं जिससे यह क्षेत्र शांति के टापू के रूप में विश्व भर में प्रसिद्ध है यहां अनेक बुद्धि जीवी लोग आकर अपना ठिकाना बना लेते हैं तथा सभी लोग मिलजुलकर रहते है इसके साथ ही इस क्षेत्र को विश्व पर्यटक स्थल की श्रेणी में रखा गया है ।अब जबसे इस नगर को विदिशा मे जोडने की हवा चली तभी से लोगो आक्रोशित हो चले है इतना ही नहीं इस नगर के विदिशा मे जोडने पर इसके विरोध में रायसेन जिला मुख्यालय पर भी आवाज उठने लगी है अब यह नगर में लोगो ने इसका खुलकर विरोध शुरू कर दिया है हाल ही में क्षेत्रीय विधायक डॉक्टर प्रभूराम चौधरी के विकास कार्यों के भूमि पूजन के अवसर पर भी यह मामला उनके संज्ञान में लाया गया तब उन्होंने भी दो टूक शब्दों में लोगो को आश्वस्त किया था कि यह नगर किसी भी स्थिति में विदिशा मे नही मिलाया जायेगा ।हालांकि कुछ लोग यहाँ तक कहते देखे जाते है कि इस क्षेत्र का विदिशा मे मिलाने को लेकर परिसीमन शुरू हो चुका है ।तब लोगों का आक्रोश और अधिक फैलने लगा है तथा इस मुद्दे पर इस स्थल पर सभी राजनीतिक दल के लोग एक मंच पर आ खडे हुए हैं ।इस मामले को लेकर इनका कहना है।।।
हम किसी भी कीमत पर सांंची को विदिशा मे शामिल नहीं होने देगें हमनें हाल ही में भूमि पूजन करने आये क्षेत्रीय विधायक डा प्रभूराम चौधरी से भी चर्चा की है उन्होंने भी इस स्थल को विदिशा मे नहीं मिलाने का आश्वासन दिया है ।सांची को विदिशा मे मिलाने का हम कडा विरोध करेंगे ।पप्पू रेवाराम नगर परिषद अध्यक्ष सांची
सांची को विदिशा मे हम किसी भी कीमत पर नहीं मिलने देगें हम पूरी ताकत से विरोध करेगें ।कमलकिशोर पटेल समाज सेवी सांची ।
ऐसी जानकारी मिल रही है कि सांंची को विदिशा मे मिलाया जायेगा ।यह किसी भी कीमत पर उचित नहीं है हम विरोध करने में पीछे नहीं हटेंगे।संजीत वर्मा विधायक प्रतिनिधि सांंची।
यह केसे संभव होगा कि सांची को विदिशा मे मिलाया जाये ।हम पूर्ण रूप से इस मामले का विरोध करते हैं ।जवाहर सिंह चौहान भाजपा नेता ।
सांची को विदिशा मे मिलाने का हम पूरी ताकत से विरोध करेगें अगर ऐसा होता है तो हम जबरदस्त आंदोलन करेगें ।शकील पटेल कांग्रेस नेता
अगर सरकार सांची को विदिशा मे शामिल करती हैं तो हम पूरी तरह विरोध करते हैं ।राधा रवि अहिरवार पार्षद कांग्रेस
सरकार सांची को विदिशा मैं शामिल कर रही हैं यह परी तरह जनता के हित मे नही होगा हम पूरी तरह से विरोध करने में पीछे नहीं रहेगें ।आर एस यादव सपा नेता
सांंची को विदिशा मे शामिल करने की ऐसी कोई जानकारी हमारे पास नहीं आई है न ही ऐसी कोई सूचना मिली है शासन से ऐसी कोई जानकारी आती है अथवा सूचना मिलने पर अवगत कराया जायेगा ।हमारे सज्ञान मे ऐसा कुछ नहीं आया है । श्रीमती नियति साहू अतिरिक्त तहसीलदार टप्पा सांंची

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