नसीमखान सांची, रायसेन
परिवार और परिस्थितियों से उपेक्षित लोगों को सहमति के साथ आश्रम ले जाकर रहने, भोजन और उपचार की व्यवस्था का भरोसा
सांची,,,
नगर में ऐसे अनेक लोग हैं जो पारिवारिक परिस्थितियों, अकेलेपन अथवा बढ़ती उम्र के कारण बेसहारा जीवन जीने को मजबूर हैं। ऐसे लोगों के लिए भोपाल स्थित संस्था ‘अपना घर आश्रम’ उम्मीद की नई किरण बनकर सामने आई है। आश्रम की टीम सांची पहुंची और चिन्हित किए गए जरूरतमंद लोगों से चर्चा कर उनकी सहमति के बाद उन्हें आश्रम लेकर रवाना हुई।
जानकारी के अनुसार, ‘अपना घर आश्रम’ ऐसे निराश्रित, असहाय और वृद्धजनों के लिए संचालित किया जा रहा है, जिनके लिए दैनिक जीवन चलाना कठिन हो चुका है। संस्था द्वारा उन्हें आश्रय, भोजन, स्वास्थ्य देखभाल और आवश्यक उपचार उपलब्ध कराया जाता है।
इसी क्रम में टीम ने सांची निवासी कृष्ण कुमार को आश्रम में ले जाने की पहल की। बताया गया कि उनकी पत्नी का काफी समय पहले निधन हो चुका है तथा उनका एक पुत्र है, जिसका लंबे समय से कोई पता नहीं है। बीमारी और बढ़ती उम्र के कारण उनका जीवन कठिन परिस्थितियों में गुजर रहा था।
इसके अलावा किशन श्रीवास्तव, जो लगभग 15 से 20 वर्षों से नगर में मूंगफली बेचकर अपना जीवनयापन करते रहे, उम्र बढ़ने के साथ काम करने में असमर्थ हो गए और बेसहारा स्थिति में जीवन व्यतीत कर रहे थे। ऐसे में संस्था की टीम ने उनसे संवाद कर उनकी सहमति प्राप्त की और उन्हें आश्रम ले जाया गया।
संस्था के मुख्य संचालक ने बताया कि आश्रम में ऐसे लोगों के लिए रहने, भोजन, चिकित्सा और देखभाल की समुचित व्यवस्था उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति स्वस्थ होकर अपने घर लौटना चाहता है, तो संस्था सम्मानपूर्वक उसे उसके परिवार तक पहुंचाने का भी प्रयास करती है।
संस्था की टीम आगे भी ऐसे जरूरतमंद और निराश्रित लोगों की पहचान कर उन्हें सुरक्षित एवं सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराने का कार्य जारी रखेगी।
जब समाज का कोई हाथ छूट जाता है, तब संवेदनशील पहल ही किसी के जीवन में सहारे और सम्मान की नई शुरुआत बनती है।





