शांति के टापू सांची की पवित्रता खतरे में, उद्धव शिवसेना ने इस स्थल पर चल रही अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने बीडा उठाया है।।

नसीमखान
अवैध गतविधियों ने विश्व धरोहर की गरिमा को पहुंचाया आघात, प्रशासन मौन।

सांची। ,विश्व धरोहर स्थल और बौद्ध अनुयायियों का पवित्र तीर्थस्थल सांची, जो अपनी ढाई हजार साल पुरानी ऐतिहासिकता और शांति के संदेश के लिए जाना जाता है, आज एक गंभीर संकट के दौर से गुजर रहा है। सम्राट अशोक द्वारा शांति का संदेश देने वाले इस स्थल पर अब जुआ, सट्टा, अवैध शराब और देह व्यापार जैसी अवैध गतिविधियां खुलेआम चल रही हैं।
जानकारी के अनुसार यह स्थल बौद्ध अनुयायियों का पवित्र स्थल माना जाता है परंतु लंबे अरसे से इस स्थल की पवित्रता भंग हो की अवैध गतिविधि चलाने वालों ने अपना सुरक्षित क्षेत्र बना डाला तथा धडल्ले से इनका संचालन शुरू कर दिया गया इस से समाज की युवा पीढ़ी के सामने संकट खडा हो गया है तथा समाज में कुरीतियां फैलने का भी अंदेशा बढ गया है यहां तक कि शिक्षा ग्रहण करने की उम्र में स्कूल कालेज के बच्चे भी इस कुरीतियों की मकडजाल मे फंसते दिखाई देने लगे है इस स्थल की पवित्रता प्रसिद्धि को देखते हुए इन तमाम समाज विरोधी कुरीतियों से छुटकारा दिलाने अब उद्धव शिवसेना ने बीडा उठाया है इस मामले में शिवसेना पदाधिकारियों ने अपनी बैठक आयोजित करते हुए अपनी रूपरेखा तैयार कर अवगत कराया गया तथा एक प्रेसवार्ता मे अपनी योजना का खुलासा किया इसमे शामिल उद्धव बाला साहब ठाकरे शिवसेना प्रदेश प्रवक्ता सतेन्द्र सिंह सिसोदिया संभाग अध्यक्ष रवि कुशवाहा अनिकेत मीणा यशकुश्वाहा संजू जोशी रायसेन जिला अध्यक्ष बाबू लाल चक्रवर्ती संजय जोशी सहित अनेक अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे । तथा 22 अप्रैल रायसेन मे जंगी प्रदर्शन करने की घोषणा की कार्यक्रम सुबह 11 बजे महामाई चौक रायसेन मे वाहन रैली निकाल कर कलेक्ट्रेट पहुचेंगे इसमें बडी संख्या में शिवसैनिक उपस्थित होगे कलेक्टर कार्यालय रायसेन तथा कलेक्टर को ज्ञापन सौपते हुए मांग की जायेगी उन्होंने कहा कि इन गैरकानूनी गतिविधियों के पीछे प्रभावशाली लोगों का हाथ है, जिसके सामने जिला प्रशासन पूरी तरह नाकाम साबित हो रहा है। करोड़ों रुपए की अवैध कमाई पर न तो शासन का शिकंजा कस पाया है और न ही प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कोई संज्ञान लिया है।
अवैध शराब के कारोबार ने तो हालात को और भी चिंताजनक बना दिया है। घर-घर तक शराब पहुंचाने का काम माफियाओं द्वारा तेजी से किया जा रहा है। इससे न केवल इस पावन स्थल की पवित्रता खतरे में पड़ गई है, बल्कि शासन को राजस्व के रूप में भी भारी नुकसान हो रहा है।
इस गंभीर स्थिति को देखते हुए अब उद्धव शिवसेना ने आंदोलन की राह पकड़ी है। पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी सांची की गरिमा की रक्षा हेतु सड़क पर उतर आए हैं। उनका कहना है कि जब तक प्रशासन नींद से नहीं जागता और अवैध गतिविधियों पर लगाम नहीं लगाई जाती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
सांची को तत्काल ‘संवेदनशील क्षेत्र’ घोषित किया जाए।
अवैध गतिविधियों में लिप्त लोगों पर कड़ी कार्यवाही की जाए।
शराब माफियाओं और जुआ-सट्टा संचालकों के खिलाफ ठोस अभियान चलाया जाए।
ईडी व अन्य जांच एजेंसियों को सक्रिय किया जाए।
सांची जैसे ऐतिहासिक और धार्मिक स्थल की गरिमा को बनाए रखने के लिए यह बेहद जरूरी है कि शासन और प्रशासन त्वरित व प्रभावी कार्रवाई करें। यदि जल्द कदम नहीं उठाए गए, तो यह विश्व धरोहर स्थल को अपनी मूल पहचान और पवित्रता खोने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है ।

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