प्लास्टिक पर पाबंदी केवल कागज़ों में, सांची में खुलेआम हो रहा पॉलीथिन का उपयोग ।

नसीमखान
सांची,,प्रशासन चाहे लाख प्रयास कर ले, लेकिन नगर को पॉलीथिन मुक्त बनाने की मुहिम अब तक सिर्फ कागजों तक ही सीमित नजर आ रही है। समय-समय पर अभियान चलाकर चेतावनी दी जाती है, दुकानदारों से पॉलीथिन जब्त की जाती है, परंतु इसके बावजूद बाजारों और गलियों में पॉलीथिन का धड़ल्ले से उपयोग जारी है।
बाजार में हर दुकान पर खुलेआम पॉलीथिन का उपयोग हो रहा है। सड़क किनारे बिखरी पॉलीथिन न केवल गंदगी फैला रही है, बल्कि आवारा पशुओं के लिए मौत का जाल बन चुकी है। कई बार देखा गया है कि ये पशु गलती से पॉलीथिन निगल जाते हैं, जिससे उनकी जान तक चली जाती है। बावजूद इसके, न तो दुकानदार रुक रहे हैं, न ही प्रशासन की चेतावनियों का असर दिखाई दे रहा है।
प्रशासन द्वारा पॉलीथिन के दुष्परिणामों की जानकारी दी जाती है—प्रदूषण, नालियों का जाम होना, पशु हानि, और बीमारियों का फैलाव—लेकिन यह जानकारी आमजन तक असरदार ढंग से नहीं पहुंच रही है। सबसे बड़ी बात यह है कि जब प्रशासन ही अपने दावे को धरातल पर अमल में नहीं ला पा रहा, तो आम दुकानदारों से उम्मीद कैसे की जा सकती है?
पॉलीथिन पर प्रतिबंध की घोषणा करना एक बात है, लेकिन नियमों को लागू करना और उसका पालन करवाना कहीं अधिक ज़रूरी है। सवाल यह है कि यदि सांची जैसे विश्वप्रसिद्ध पर्यटन स्थल पर भी साफ-सफाई और पर्यावरण सुरक्षा की अनदेखी हो रही है, तो फिर बाकी स्थानों की क्या स्थिति होगी?
अब जरूरत है दिखावे से हटकर सख़्त और निरंतर कार्रवाई की। केवल चेतावनियां और औपचारिकताएं नहीं, बल्कि प्रशासन को हर बाजार में नियमित निरीक्षण और दंडात्मक कार्रवाई करनी होगी। साथ ही नागरिकों को भी जागरूक करना होगा कि प्लास्टिक का यह अंधाधुंध प्रयोग सिर्फ उनके नगर को नहीं, बल्कि उनके स्वास्थ्य और पर्यावरण को भी नुकसान पहुंचा रहा है।
यदि अब भी ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो पॉलीथिन की यह समस्या धीरे-धीरे एक बड़े संकट का रूप ले सकती है।

  • editornaseem

    Related Posts

    सांदीपनि शासकीय विद्यालय में शुल्क व्यवस्था पर उठे सवाल, अभिभावकों ने जताई चिंता

    नसीमखान सांची माध्यमिक स्तर तक शिक्षा निःशुल्क, उच्च कक्षाओं में विभिन्न मदों के शुल्क से बढ़ी चर्चा; विद्यालय प्रबंधन ने दी सफाईसांची,,,नगर के सांदीपनि शासकीय विद्यालय में कक्षा 9 से…

    अचानक बदले मौसम ने दी राहत, झमाझम बौछारों से गर्मी का असर हुआ कम।लंबे इंतजार के बाद मौसम ने ली करवट, किसानों के साथ आमजन के चेहरों पर लौटी राहत

    नसीमखान सांची, रायसेनसांची,,,नगर सहित आसपास के क्षेत्र में लंबे समय से पड़ रही भीषण गर्मी और उमस से जनजीवन प्रभावित हो रहा था। तेज धूप और बढ़ते तापमान के कारण…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    सांदीपनि शासकीय विद्यालय में शुल्क व्यवस्था पर उठे सवाल, अभिभावकों ने जताई चिंता

    सांदीपनि शासकीय विद्यालय में शुल्क व्यवस्था पर उठे सवाल, अभिभावकों ने जताई चिंता

    अचानक बदले मौसम ने दी राहत, झमाझम बौछारों से गर्मी का असर हुआ कम।लंबे इंतजार के बाद मौसम ने ली करवट, किसानों के साथ आमजन के चेहरों पर लौटी राहत

    अचानक बदले मौसम ने दी राहत, झमाझम बौछारों से गर्मी का असर हुआ कम।लंबे इंतजार के बाद मौसम ने ली करवट, किसानों के साथ आमजन के चेहरों पर लौटी राहत

    खाद की किल्लत से जूझ रहे किसान, डिजिटल व्यवस्था बनी नई परेशानी।सर्वर और नेटवर्क की समस्या के कारण समय पर खाद नहीं मिलने से किसानों की बढ़ी चिंता, आगामी फसल तैयारी प्रभावित होने की आशंका

    खाद की किल्लत से जूझ रहे किसान, डिजिटल व्यवस्था बनी नई परेशानी।सर्वर और नेटवर्क की समस्या के कारण समय पर खाद नहीं मिलने से किसानों की बढ़ी चिंता, आगामी फसल तैयारी प्रभावित होने की आशंका

    बेधड़क दौड़ते वाहन, अव्यवस्थित यातायात और बढ़ती चिंता—सांची में व्यवस्था पर उठने लगे सवाल

    बेधड़क दौड़ते वाहन, अव्यवस्थित यातायात और बढ़ती चिंता—सांची में व्यवस्था पर उठने लगे सवाल

    सांची के बेसहारों को मिला सहारा, ‘अपना घर आश्रम’ ने बढ़ाया मानवीय सहयोग का हाथ

    सांची के बेसहारों को मिला सहारा, ‘अपना घर आश्रम’ ने बढ़ाया मानवीय सहयोग का हाथ

    पांव से मोहताज, फिर भी योग के प्रति उत्साह कम नहीं — पूर्व पार्षद ने घर पर किया योगाभ्यास।घुटनों की बीमारी के बावजूद अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर दिया स्वास्थ्य जागरूकता का संदेश

    पांव से मोहताज, फिर भी योग के प्रति उत्साह कम नहीं — पूर्व पार्षद ने घर पर किया योगाभ्यास।घुटनों की बीमारी के बावजूद अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर दिया स्वास्थ्य जागरूकता का संदेश