नसीमखान
रायसेन,
जनजातीय वर्ग के लिए समान अवसरों का सृजन, सामाजिक-आर्थिक स्तर का विकास, बुनियादी ढांचे के सुधार और स्वास्थ्य, शिक्षा व आजीविका के क्षेत्र में ठोस प्रगति हेतु शासन द्वारा शुरू किया गया धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान, जनजातीय वर्ग की महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़कर आत्मनिर्भर बना रहा है। सिलवानी जनपद के ग्राम डोकरी बमनई निवासी गोपाबाई भी उन महिलाओं में शामिल हैं, जो स्व-सहायता समूह से जुड़ने के बाद परिवार की आर्थिक उन्नति में योगदान दे रही हैं। हितग्राही गोपाबाई ने बताया कि धरती आबा अभियान से उन्हें नर्मदा स्व-सहायता समूह से जुड़ने का अवसर मिला। स्व-सहायता समूह से जुड़ने के बाद उन्होंने एक लाख रू का ऋण लिया जिसका उपयोग उन्होंने कृषि कार्य में किया। जिससे उनकी आमदानी में वृद्धि हुई है। अब वह पहले से अधिक कृषि भूमि पर खेती कार्य कर रही हैं। धरती आबा अभियान के तहत उन्हें शासन की पीएम उज्जवला योजना, संबल कार्ड, खाद्यान्न पात्रता पर्ची, निःशुल्क खाद्यान्न सहित अन्य योजनाओं का भी लाभ मिल रहा है जिससे उनके परिवार के आर्थिक स्तर में वृद्धि हुई है।






