रिपोर्टर @दीपक कुमार गर्ग
शहडोल_ जयसिंहनगर जनपद पंचायत क्षेत्र के ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों में लगने वाले मेटरियल के बिलों की यदि बात करे तो लगभग जनपद की ज्यादातर पंचायतों में देखने में आता हैं की जिन फर्मों के बिल पंचायतों में लगे हैं उन फर्मों की जमीनी हकीकत यह है की मौके पर ना ऐसी कोई फर्म की दुकान है और ना ही कोई सामग्री फिर भी ऐसी फर्मों के बिल लगातार पंचायतों में लगते जा रहे हैं और पंचायतों के जिम्मेदारों द्वारा फर्जी फर्मों के बिलों का भुगतान किया जा रहा है।जानकारी के बाद भी अधिकारी कार्यवाही नहीं कर पा रहे हैं। जयसिंहनगर जनपद में ऐसी अनेकों फर्जी फर्मे है जिन्होंने मात्र जीएसटी नंबर लेकर भुगतान किए हैं। जिसमें अधिकतर बिलों में रेत, मुरम, पत्थर, गिट्टी, सीमेंट के नाम पर लाखों का भुगतान हुआ है। जिसमें सीमेंट को छोड़कर सभी खनिज है। जिस पर सरकार द्वारा रॉयल्टी भी वसूल की जाती है। मगर इन बिलों पर खनिज की आपूर्ति दर्शाकर न केवल राशि का आहरण किया बल्कि खनिज की रॉयल्टी की भी चोरी की। जांच इस बात की भी की जानी चाहिए कि जो बिल लगाए हैं वास्तव मेंं उस सामग्री की खरीदी हुई है अथवा नहीं। वहीं ये भी जानना होगा कि लाखों की दुकानदारी करने वाले संचालकों के पास क्या एक नंबर की पूंजी थी। पहले क्या इनकम टैक्स विभाग में इन्होंने अपनी पूंजी को दर्शाया है। इन सभी मुद्दों की यदि ईमानदार अधिकारियों द्वारा जांच की जाए तो जनपद की पंचायतों में करोड़ो रुपए का भ्रष्टाचार सामने आने की आकांक्षा है ऐसा ही एक मामला सामने आया है उमेश ट्रेडर्स के नाम से भी रेत खरीदी का बिल लगाया गया है इनके अलावा कई दुकानें हैं जहां से रेत मुरूम गिट्टी खरीदी का बिल लगाया जाता है और जिम्मेदार अधिकारी जान कर भी अंजान बने हुए हैं






