नसीमखान
सांची,,श्रावण मास के प्रथम सोमवार को नगर के शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह से ही मंदिरों में जलाभिषेक, पूजा-अर्चना एवं भजन-कीर्तन का क्रम आरंभ हो गया, जो देर शाम तक चलता रहा।
शिवभक्तों ने बड़ी श्रद्धा और भक्ति भाव से भगवान भोलेनाथ को जल, बेलपत्र, दूध, शहद एवं पुष्प अर्पित किए। नगर के मुख्य चौराहे पर स्थित प्राचीन शिव मंदिर में विशेष भजन एवं पूजन कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिसमें महिलाओं और बच्चों की भी विशेष भागीदारी रही।
श्रद्धालु सुबह से ही मंदिरों की ओर उमड़ने लगे थे। महिलाओं ने पारंपरिक परिधानों में सजकर पूजा-अर्चना की, वहीं युवाओं और बच्चों में भी शिवभक्ति को लेकर उत्साह दिखाई दिया।
नगर के अनेक हिन्दू धर्मावलंबियों के अनुसार, श्रावण मास भगवान शिव की उपासना का सबसे पवित्र समय होता है। इस मास में विशेष रूप से सोमवार को भगवान शिव की पूजा-अर्चना करने तथा व्रत रखने से इच्छित फल की प्राप्ति होती है। भगवान शिव जल्दी प्रसन्न होने वाले देव हैं, अतः श्रद्धालु पूरे भक्ति भाव से उनकी आराधना करते हैं।
इस अवसर पर नगर के वरिष्ठ नागरिक एवं समाज सेवी सी.एल. तिवारी ने कहा कि “श्रावण सोमवार का विशेष महत्व है। यह शिवभक्तों के लिए आध्यात्मिक जागरण का अवसर होता है। नगर में वर्षों से इस परंपरा का पालन श्रद्धा भाव से होता आ रहा है।”
विवेक तिवारी ने कहा, “हमारा सौभाग्य है कि श्रावण मास में हमसब मिलकर भगवान शिव की आराधना मे लीन होते है जहां शिवभक्ति की गूंज हर ओर सुनाई देती है। युवाओं में भी भगवान शिव के प्रति श्रद्धा देखकर प्रसन्नता होती है।”
वहीं कमलकिशोर पटेल ने बताया कि “श्रावण माह में शिवमंदिरों में हर सोमवार को विशेष आयोजन होते हैं। इस बार भी नगरवासियों ने पूरी श्रद्धा और संयम से भगवान शिव का जलाभिषेक किया है। मंदिर समिति द्वारा दर्शन व्यवस्था, प्रसाद वितरण एवं सुरक्षा की पर्याप्त व्यवस्था की गई है।”
श्रावण का पहला सोमवार होने के कारण मंदिरों में विशेष तैयारियां की गई थीं। श्रद्धालुओं की भीड़ को ध्यान में रखते हुए तथा इस पवित्र माह की पवित्रता को देखते हुए नगर परिषद प्रशासन मंदिरों एवं मंदिरों के आसपास साफ सफाई और सुविधा हेतु विशेष इंतजाम किए गए थे।






