नसीमखान
सांची, — स्वच्छ भारत अभियान के नाम पर सरकार जहां करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, वहीं जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल उलट नजर आ रही है। सांची जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत सुनारी-सलामतपुर के पास, भोपाल-विदिशा राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे कस्बे भर की गंदगी खुलेआम फेंकी जा रही है। इससे न केवल वातावरण दूषित हो रहा है, बल्कि गंभीर बीमारियों के फैलने का भी खतरा बढ़ गया है।
रोजाना हजारों वाहन इस मार्ग से गुजरते हैं। ऐसे में यहां फैली गंदगी सिर्फ स्थानीय लोगों और राहगीरों के लिए परेशानी का सबब नहीं, बल्कि जिले की छवि को भी धूमिल कर रही है। हैरानी की बात यह है कि इसी मार्ग से जनपद पंचायत के अधिकारी, सीईओ सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी नियमित तौर पर अपडाउन करते हैं, बावजूद इसके कचरे के इस ढेर पर अब तक कोई कार्यवाही नहीं की गई।
स्थानीय निवासियों की मानें तो यह गंदगी लंबे समय से जमा है, पर ग्राम पंचायत और जिम्मेदार अधिकारियों ने अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया। जबकि देशभर में प्रधानमंत्री द्वारा चलाया गया स्वच्छता अभियान गांव-गांव और घर-घर तक पहुंचाया गया था। लेकिन जब स्वयं पंचायत स्तर पर ही इस अभियान की अनदेखी हो रही हो, तो शेष क्षेत्र में अभियान की सफलता पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
ग्राम पंचायत सुनारी-सलामतपुर में राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे लगे इस कचरे के ढेर से भयंकर दुर्गंध फैल रही है। इससे न केवल राहगीर परेशान हैं, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए भी सांस लेना दूभर हो गया है। यदि समय रहते इस ओर ध्यान नहीं दिया गया, तो यह क्षेत्र जल्द ही संक्रामक बीमारियों की चपेट में आ सकता है।
यह स्थिति शासन-प्रशासन की कार्यशैली और स्वच्छता मिशन की जमीनी सच्चाई पर गंभीर सवाल खड़े करती है। अब देखना यह होगा कि संबंधित जिम्मेदार अधिकारी कब तक इस गंदगी के ढेर पर ‘नजरअंदाज’ की चादर ओढ़े रहते हैं, या फिर जल्द ही कोई ठोस कार्रवाई होती है।






