नसीमखान
सांची,,लगातार हो रही तेज बारिश के बीच बिजली कर्मियों का समर्पण प्रेरणादायक दृश्यों को जन्म दे रहा है। जब पूरे क्षेत्र में पानी-भरी नालियाँ उफान ले रही हैं और ओलावृष्टि के साथ बिजली की लकीरों में छोटी-बड़ी खराबियाँ हो रही हैं, तब भी ये कर्मचारी अपनी जान की परवाह किए बिना लाइट बहाल करने में जुटे दिखते हैं।
बारिश के चलते अँधेरा छाने पर घरों से निकलने वाले परिजन कीड़े-मकौड़े के काटने के डर से दहशत में रहते हैं। पहले मिट्टी के तेल से चिमनी जला कर थोड़ी राहत मिलती थी, लेकिन आज वही संसाधन भी नदारद है। ऐसे में पूरा बरसाती इलाका पूरी तरह बिजली पर आश्रित हो गया है।
स्थानीय उपभोक्ताओं का मानना है कि जब अँधेरे का अंदेशा हो या अचानक पावर कट हो, तब घर के छोटे-बड़े सभी काम ठप हो जाते हैं। बावजूद इसके, बिजली विभाग के कर्मचारी घुटनों तक पानी में खड़े रहकर टूटे तारों को जोड़ते, ट्रांसफार्मर की मरम्मत करते और लाइन फॉल्ट को दूर कर रहे हैं। उनकी इस निस्वार्थ सेवा ने बारिश की विभीषिका में आशा की किरण जगा दी है।
एक बिजली कर्मी ने बताया, “हम जानते हैं, बच्चे डर रहे होंगे, बुजुर्ग परेशान होंगे, लेकिन हमारा फर्ज है कि एक-एक घर में रोशनी पहुँचें।”






