नसीमखान
सांची,,, देश-विदेश के बौद्ध अनुयायियों के लिए एक प्रसिद्ध तीर्थ स्थल माने जाने वाले सांची में इन दिनों उपेक्षा की तस्वीरें सामने आ रही हैं। नगर के बस स्टैंड परिसर में स्थापित संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अम्बेडकर की प्रतिमा के चबूतरे पर कुत्तों का जमावड़ा आम हो गया है। यह दृश्य न केवल असुविधाजनक है, बल्कि बाबा साहेब के सम्मान के साथ भी अन्यायपूर्ण प्रतीत होता है।
ज्ञात हो कि नगर में बौद्ध अनुयायियों की बड़ी संख्या है, जो बाबा साहेब को नमन करने नियमित रूप से प्रतिमा स्थल पर पहुंचते हैं। वर्षों पूर्व नगर के सामाजिक कार्यकर्ताओं की पहल पर यहां डॉ. अम्बेडकर की प्रतिमा स्थापित की गई थी, जिसका लोकार्पण तत्कालीन कांग्रेस नेता डॉ. प्रभुराम चौधरी द्वारा किया गया था। प्रतिमा को कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा नुकसान पहुंचाने के बाद, बाबा साहेब के अनुयायियों ने मिलकर नवीन प्रतिमा स्थापित करवाई।
वर्तमान स्थिति यह है कि प्रतिमा के चारों ओर की साफ-सफाई व देखरेख पूरी तरह उपेक्षित है। कुत्ते चबूतरे पर बैठे नजर आते हैं, जो इस स्थान की गरिमा और श्रद्धा पर प्रश्नचिन्ह लगाते हैं।
इस विषय में जब नगर परिषद अध्यक्ष पप्पू रेवाराम से चर्चा की गई तो उन्होंने कहा –
“हम शीघ्र ही चबूतरे के चारों ओर रैलिंग लगवाकर इसे सुरक्षित और गरिमामय बनाएंगे। प्रतिमा की गरिमा हमारी प्राथमिकता है।”
वहीं नगर परिषद सीएमओ रामलाल कुशवाह ने कहा –
“प्रतिमा की सुरक्षा और सफाई को लेकर जल्द ही आवश्यक कार्यवाही की जाएगी। कुत्तों को नियंत्रित करने तथा स्थल को सुव्यवस्थित करने के लिए विशेष निर्देश दिए जाएंगे।”
एक तरफ़ जहां सांची जैसे पावन स्थल पर बाबा साहेब अम्बेडकर की प्रतिमा स्थापित होना गर्व का विषय है, वहीं दूसरी ओर उसकी उपेक्षा चिंताजनक है। अब देखना यह होगा कि वादे कितनी शीघ्रता से अमल में लाए जाते हैं और यह स्थल सम्मानपूर्वक संरक्षित किया जाता है या नहीं।






