नसीमखान सांची
ठंडी हवाओं से बाजारों में सन्नाटा; किसान फसलों में जुटे, बेघर लोगों की बढ़ी मुश्किलें
सांची–– नगर भर में कड़ाके की ठंड का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। ठिठुरन इतनी तेज़ है कि लोग दिनभर सिकुड़ते दिखाई दे रहे हैं। इसके बावजूद प्रशासन की ओर से अलाव जैसी मूलभूत सुविधा की कोई व्यवस्था नहीं की गई है, जिससे नागरिकों में असंतोष है।
ठंडी लहर के कारण मौसम में और अधिक गिरावट दर्ज की गई है। इसी बीच किसानों की मेहनत जारी है—कई किसान धान की फसल में व्यस्त हैं, जबकि कई स्थानों पर पलेवा और रबी फसलों की बोनी का कार्य शुरू कर दिया गया है। किसानों की चिंता भले किसी के एजेंडे में न हो, परंतु देश को अन्न उपलब्ध कराने की उनकी जिम्मेदारी बदस्तूर जारी है।
बाजारों में भी ठंड का असर साफ नजर आ रहा है। कई दुकानें खाली पड़ी हैं, और लोग हीटर व गर्म कपड़ों का सहारा ले रहे हैं। वहीं दूसरी ओर, फुटपाथों और सड़कों के किनारे रहने वाले बेघर लोग बिना गर्म कपड़ों के रातें गुजारने को मजबूर हैं, जिससे उनकी परेशानी और बढ़ गई है। प्रशासन की उदासीनता इन हालात में और चिंता पैदा करती है।
मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दो से तीन दिनों में ठंड में और वृद्धि होने की संभावना है।
रात के तापमान में 2 से 3 डिग्री की और गिरावट दर्ज हो सकती है।
सुबह के समय घना कोहरा भी छा सकता है, जिससे दृश्यता प्रभावित रहने की चेतावनी दी गई है।
उत्तर की ओर से तेज़ ठंडी हवाएँ चलने के कारण दिन का तापमान भी सामान्य से नीचे बना रह सकता है।
विशेषज्ञों ने नागरिकों को सलाह दी है कि सुबह और देर शाम बाहर निकलते समय गर्म कपड़ों का विशेष ध्यान रखें, बच्चों और बुजुर्गों को अनावश्यक ठंड के संपर्क में न आने दें।
कड़ाके की ठंड के बीच सांची के लोग राहत की उम्मीद लेकर प्रशासन की ओर देख रहे हैं, जबकि मौसम का मिज़ाज अभी और सख्त होने के संकेत दे रहा है।






