नसीमखान सांची
सांची,,, जैसे-जैसे बौद्ध महोत्सव अपनी तय तिथि के करीब पहुँच रहा है, वैसे-वैसे ठंड भी अपने पूरे वेग पर दिखाई दे रही है। नगर में सुबह-शाम की ठिठुरन लगातार बढ़ रही है और लोग ठंड से बचाव के लिए जगह-जगह भटकते नजर आ रहे हैं। इसके बावजूद स्थानीय प्रशासन द्वारा अब तक अलाव जैसी बुनियादी व्यवस्था शुरू न किए जाने से नागरिकों में नाराजगी बढ़ गई है।
जानकारों का कहना है कि आगामी दिनों में तापमान और गिरने की संभावना है। ऐसे में महोत्सव के दौरान देश-विदेश से आने वाले हजारों आगंतुकों के सामने ठंड से निपटना बड़ी चुनौती बन सकता है। स्थानीय लोग आशंका जता रहे हैं कि यदि समय रहते अलाव की व्यवस्था नहीं की गई, तो यात्रियों के साथ नगरवासी भी ठंड का खामियाजा भुगतने को मजबूर हो जाएंगे।
इधर महोत्सव की अन्य तैयारियाँ तेजी से जारी हैं। नगर भर में सड़कों को दुरुस्त करने, गड्ढे भरने और डामरीकरण कार्य को अंतिम रूप दिया जा रहा है। जिला प्रशासन के अधिकारी लगातार निरीक्षण करके दिशा-निर्देश दे रहे हैं। लेकिन नागरिकों का कहना है कि हर वर्ष ठंड बढ़ते ही प्रशासन द्वारा अलाव जलाने की व्यवस्था शुरू कर दी जाती थी, जबकि इस बार कड़ाके की ठंड आने के बाद भी कोई कदम नहीं उठाया गया है। लोग उम्मीद कर रहे हैं कि प्रशासन जल्द से जल्द ठंड से राहत देने के लिए जगह-जगह अलाव की सुविधा उपलब्ध कराने आगे आये।
“महोत्सव की चकाचौंध से पहले जरूरत है कि प्रशासन ठंड से राहत की बुनियादी जरूरतों पर ध्यान देसके।






