नसीमखान सांची
सांची,,, वैसे तो प्रधानमंत्री का स्वच्छता अभियान की बातें सरकारी विभागों में बडे जोर शोर से जागरूक अभियान चलाया जाता है परन्तु विभाग अपने परिसर को ही गंदगी की चपेट में जकडे हुए हैं तब यह अभियान मात्र फोटो तक ही सिमट कर रह जाते है तथा स्वच्छता के नाम पर लाखों करोड़ों रुपए की भेंट चढा देते हैं।
जानकारी के अनुसार प्रधानमंत्री के स्वच्छता अभियान को बडे जोर शोर से चलाया जाता हैं तथा इस अभियान के नाम पर लाखों करोड़ों रुपए की भेंट चढ़ जाती हैं परन्तु सरकारी विभाग स्वयं इस अभियान के प्रति जागरूक नहीं हो सके तब अंदाजा लगाया जा सकता है कि इन विभागों के अंतर्गत स्वच्छता अभियान कहां तक सफल हो रहा होगा ।ऐसा ही मामला नगर के जनपद पंचायत कार्यालय का बना हुआ है इस जनपद पंचायत अंतर्गत 83 ग्राम पंचायत आती हैं तथा यह जनपद पंचायत इन पंचायतों में कैसे स्वच्छता अभियान चला पा रही होगी इस जनपद पंचायत परिसर में गंदगी ने पांव पसार लिए हैं जबकि इस परिसर में हर दूसरे दिन सरपंच सचिवों की बैठक आयोजित की जाती रहती हैं तब परिसर की गंदगी कहीं न कहीं विपरीत संदेश पंचायतों में पहुचाने मे सफल हो रही होगी ।इस कार्यालय के कर्ताधर्ता अपने कार्यालय के अनुपयोगी कागजों का ढेर लगाकर भूल जाते है जिससे यह कागज एव पौलिथिन इस परिसर में ही विचरण करने वाले पशुओं का आहार बन जाते है जिससे पशुओं का जीवन भी खतरे में पड जाता हैं वैसे भी यह परिसर आवारा पशुओं की सुरक्षा गाह रहने से पशु खुले आम विचरण करते दिखाई दे जाते है। तथा परिसर का वातावरण भी प्रदूषण से अछूता नहीं रहता हालांकि कभी कभी जिले के वरिष्ठ अधिकारी भी जनप्रतिनिधियों एवं कर्मचारियों की बैठक लेते दिखाई देते है तब आसानी से जिम्मेदार अपनी जिम्मेदारियों से मुंह मोडकर लापरवाह बने रहते है तब आसानी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि 83 ग्राम पंचायतों में स्वच्छता अभियान का संदेश देने वाले दफ्तर स्वयं अपने आप मे गंदगी समेट हुए हैं तथा यह अधिकारी एवं दफ्तर कैसे अपने अधीन पंचायतों को स्वच्छता का जामा पहनाने मे सफल हो रहे होगें तब यह जिम्मेदार सरकार की स्वच्छता अभियान के नाम पर मिलने वाली लाखों की राशि को कैसे पलीता लगा रहे होगें सवाल खड़े हो रहे है ।इस मामले में जनपद पंचायत सीईओ शंकर पांसे का कहना है ।
सफाई की गई होगी उससे कचरा इकट्ठा किया होगा। मै दिखवा लेता हूँ सफाई करवा दी जायेगी।






