नसीमखान सांची
सांची–– नगर में हर सप्ताह लगने वाले हाटबाजार में सोमवार को नगर परिषद का अमला पोलिथिन के उपयोग पर रोक लगाने निकल पड़ा। अमले ने कई दुकानदारों से पोलिथिन जब्त कर जुर्माना लगाया तथा उनसे भविष्य में इसका उपयोग न करने की समझाइश दी।
जानकारी के अनुसार, शासन द्वारा पोलिथिन उपयोग पर प्रतिबंध के साथ इसकी हानियों से भी निरंतर जागरूक किया जा रहा है। बावजूद इसके नगर में पोलिथिन का उपयोग धड़ल्ले से जारी है। दुकानदार खाद्य सामग्री पोलिथिन में देते हैं और अधिकांश उपभोक्ता भी बिना एहतियात इसे स्वीकार करते रहते हैं। न तो दुकानदार इस खतरनाक उपयोग को रोक पा रहे हैं और न ही उपभोक्ताओं पर इसका प्रभाव पड़ पा रहा है।
इसी क्रम में सोमवार को जब नगर परिषद की टीम हाटबाजार पहुँची तो वहां हड़कंप मच गया। कई दुकानदार आनन-फानन में पोलिथिन छिपाने लगे। अमले ने कार्रवाई करते हुए कुछ दुकानदारों पर जुर्माना लगाया और चेतावनी दी कि भविष्य में पोलिथिन मिलने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
अमले का कहना है कि पोलिथिन से पर्यावरण और स्वास्थ्य को गंभीर नुकसान पहुंचता है तथा इसी के मद्देनज़र शासन के निर्देशों पर यह कार्रवाई की जा रही है।
हाटबाजार में अव्यवस्थाओं का अंबार, प्रशासन बेखबर।
पॉलिथिन कार्रवाई के अलावा हाटबाजार में अव्यवस्था भी गंभीर समस्या बनी हुई है। हाटबाजार के दिन बड़ी संख्या में आवारा पशुओं का जमावड़ा लगा रहता है, जिससे दुकानदारों को परेशानी होती है। कई बार पशुओं की दौड़भाग और आपसी भिड़ंत से खरीदारों को भी जोखिम का सामना करना पड़ता है, पर राष्ट्रीय प्रशासन इस समस्या से पूरी तरह अनजान बना हुआ है।
वहीं बाजार क्षेत्र में बाहरी दुकानदार अपने दोपहिया और चारपहिया वाहन दुकानों के पास ही खड़े कर लेते हैं। इससे सड़क जाम होने के साथ बाजार में जगह की भारी कमी हो जाती है। दूर-दराज से आने वाले दुकानदारों को दुकान लगाने के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता है।
दुकानदारों का कहना है कि––
प्रशासन न तो आवारा पशुओं पर नियंत्रण लगा पा रहा है,
न ही सुरक्षित पार्किंग की व्यवस्था कर पा रहा है।
दूरस्थ क्षेत्रों में वाहन खड़े करने पर असामाजिक तत्वों द्वारा नुकसान की आशंका रहती है, इसलिए दुकानदार वाहन अपनी दुकान के पास ही खड़े करने को मजबूर होते हैं। हाटबाजार में बढ़ती भीड़ और व्यवस्था के अभाव ने बाहर से आने वाले दुकानदारों और आम लोगों दोनों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
हाटबाजार में पॉलिथिन रोकने की पहल सराहनीय है, पर वास्तविक बदलाव तभी संभव है जब बाजार की अव्यवस्थाओं पर भी सख्त और स्थायी कदम उठाए जाएँ।






