नसीमखान सांची, रायसेन
रायसेन,
कलेक्टर श्री अरूण कुमार विश्वकर्मा द्वारा बेगमगंज में पीएमश्री शासकीय कन्या हायर सेकेण्डरी स्कूल का निरीक्षण किया गया। उन्होंने विद्यालय के प्राचार्य तथा शिक्षकों से छात्राओं की संख्या और शैक्षणिक कार्य प्रगति की जानकारी लेते हुए परीक्षा परिणाम में वृद्धि हेतु दिशा-निर्देश दिए। कलेक्टर श्री विश्वकर्मा ने कक्षाओं के निरीक्षण के दौरान छात्राओं से भी संवाद कर शैक्षणिक जानकारी लेते हुए उन्हें पढाई पर ध्यान केन्द्रित करने हेतु टिप्स भी दिए।
कलेक्टर श्री विश्वकर्मा ने छात्राओं से पूछा कि वह कितने घण्टे पढ़ाई करती हैं, कौन सा विषय कठिन लगता है, मोबाईल या टीव्ही देखने में कितना समय व्यतीत करती हैं। उन्होंने छात्राओं को जीवन में शिक्षा का महत्व बताते हुए एकाग्रचित होकर और लगन से पढ़ाई करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि पढ़ाई के समय पूरा ध्यान पढ़ाई पर होना चाहिए और भविष्य के लिए लक्ष्य निर्धारित कर उसे प्राप्त करने के लिए कठिन परिश्रम करें। बड़े होकर जब जीवन में सफल होंगे और माता-पिता का नाम रौशन करेंगे तो उन्हें भी संतोष होगा। कलेक्टर श्री विश्वकर्मा ने सभी छात्राओं से कहा कि वह संकल्प लें कि पूरी लगन और मेहनत से पढ़ाई करेंगी तथा परीक्षा में अधिकतम नम्बरों से पास होकर दिखाएगीं। इस अवसर पर एसडीएम, तहसीलदार, विद्यालय के प्राचार्य तथा शिक्षक उपस्थित रहे।
राजस्व न्यायालय का किया निरीक्षणकलेक्टर श्री अरूण कुमार विश्वकर्मा द्वारा बेगमगंज में एसडीएम कार्यालय का निरीक्षण कर राजस्व प्रकरणों के निराकरण की जानकारी ली गई। उन्होंने निराकृत प्रकरणों तथा लंबित प्रकरणों की फाईलों का अवलोकन करते हुए एसडीएम तथा तहसीलदार को आरसीएमएस पोर्टल पर दर्ज प्रकरणों को समयावधि में निराकृत करने सहित आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
अनुभूमि ईको कैम्प में हुए शामिल कलेक्टर श्री अरूण कुमार विश्वकर्मा गुरूवार को बेगमगंज वन क्षेत्र के इटैया वीरपुर में अनुभूति ईको कैम्प में सम्मिलित हुए तथा कैम्प में सहभागिता कर रहे विद्यार्थियों से भी संवाद किया। इस अवसर पर डीएफओ, एसडीएम बेगमगंज तथा वन विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।
गैरतगंज में शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय का निरीक्षणगैरतगंज स्थित शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय का कलेक्टर श्री अरूण कुमार विश्वकर्मा द्वारा निरीक्षण किया गया। उन्होंने प्राचार्य तथा शिक्षकों से शैक्षणिक कार्य की जानकारी लेते हुए परीक्षा परिणाम में वृद्धि हेतु दिशा-निर्देश दिए। साथ ही विद्यार्थियों से भी अध्यापन कार्य के बारे में संवाद कर उन्हें पूरी लगन और मेहनत से पढ़ाई करने के लिए प्रोत्साहित किया।






