नसीमखान सांची
सांची,,
लंबे समय से नगर और आसपास के क्षेत्र में कानून का डर लगभग खत्म हो चुका था। अपराधियों के हौसले इस कदर बुलंद थे कि वे खुलेआम वारदातों को अंजाम दे रहे थे, लेकिन अब सांची में कानून का डंडा चल पड़ा है। नवागत पुलिस अधीक्षक के स्पष्ट और सख्त निर्देशों के बाद सांची थाना प्रभारी की आक्रामक कार्यशैली ने अपराधियों की कमर तोड़ दी है, जिससे पूरे क्षेत्र में हड़कंप की स्थिति बन गई है।
ऐतिहासिक सांची क्षेत्र में अपराध का ग्राफ लगातार ऊपर जा रहा था। पुलिस की सुस्ती का फायदा उठाकर जुआरी, सटोरिए और फरार आरोपी क्षेत्र में बेखौफ घूम रहे थे। इसी बीच सांची थाना की कमान थाना प्रभारी जेपी त्रिपाठी के हाथों में आई। कमान संभालते ही उन्होंने साफ संदेश दे दिया कि अब कानून से खिलवाड़ करने वालों के लिए सांची में कोई जगह नहीं है।
थाना प्रभारी ने सबसे पहले जुआ और सट्टे के अड्डों पर बड़ी कार्रवाई कर असामाजिक तत्वों को या तो सलाखों के पीछे पहुंचाया या क्षेत्र छोड़ने पर मजबूर कर दिया। इसके बाद अवैध शराब माफिया पर भी शिकंजा कस दिया गया, जिससे अवैध कारोबारियों में खलबली मच गई।
इसी दौरान रायसेन जिले की कमान संभालने वाले पुलिस अधीक्षक आशुतोष गुप्ता ने औचक निरीक्षण के दौरान दो टूक शब्दों में स्पष्ट कर दिया कि अपराधियों के लिए जिले में कोई नरमी नहीं होगी। एसपी के इन निर्देशों के बाद सांची थाना हरकत में आया और फरार वारंटियों की धरपकड़ के लिए विशेष अभियान छेड़ दिया गया।
इस अभियान में पुलिस ने 09 स्थाई वारंट तामील कर बड़ी सफलता हासिल की। न्यायालय से फरार चल रहे आरोपी सादिक पिता उस्मान (25 वर्ष) निवासी इस्लामनगर, जिस पर थाना सांची के 06 और सलामतपुर थाने के 02 वारंट लंबित थे, को गिरफ्तार किया गया। इसके अलावा पास्को एक्ट के गंभीर प्रकरण में फरार आरोपी धर्मराज उर्फ गोलू, निवासी मरमटा को भी पुलिस ने दबोच लिया।
इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी जेपी त्रिपाठी के साथ प्रधान आरक्षक सुरेंद्र सिंह, आरक्षक मिथुन ठाकुर एवं शैलेंद्र सिंह की भूमिका उल्लेखनीय रही।
सांची में पुलिस की सख्ती ने साफ कर दिया है कि अब कानून कमजोर नहीं, बल्कि अपराधियों पर भारी पड़ने वाला है।






