नसीमखान सांची
सांची,,,
बिजली चोरी की घटनाओं पर लगाम लगाने के उद्देश्य से विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड द्वारा उपभोक्ताओं के यहां लगाए गए स्मार्ट मीटर अब खुद ही बिजली चोरी की सूचना कंट्रोल रूम तक पहुंचा रहे हैं। इसका नतीजा यह है कि चोरी करने वाले उपभोक्ता लगातार उजागर हो रहे हैं और उन पर सख्त कार्रवाई की जा रही है।
जानकारी के अनुसार क्षेत्र में बिजली चोरी की घटनाएं बढ़ने पर विद्युत वितरण कंपनी ने स्मार्ट मीटर प्रणाली लागू की थी, ताकि चोरी पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सके। हालांकि कुछ उपभोक्ताओं की आदतें नहीं बदलीं और स्मार्ट मीटर से भी छेड़छाड़ के मामले सामने आने लगे।
स्मार्ट मीटर की विशेषता यह है कि जैसे ही बिजली चोरी या मीटर से छेड़छाड़ होती है, उसकी सूचना स्वतः विद्युत कंट्रोल रूम को मिल जाती है। सूचना मिलते ही विजिलेंस टीम सक्रिय हो जाती है और संबंधित उपभोक्ता के यहां छापेमारी कर जांच-पड़ताल की जाती है। जांच में चोरी पाए जाने पर उपभोक्ताओं पर जुर्माने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
स्मार्ट मीटर लगाए जाने के बाद अब चोरी के मामले खुलकर सामने आने लगे हैं, जिससे बिजली चोरी करने वाले उपभोक्ताओं में हड़कंप मचा हुआ है। इसके अलावा बिजली बिल का भुगतान नहीं होने पर स्मार्ट मीटर के माध्यम से स्वतः कनेक्शन विच्छेद की व्यवस्था भी लागू है। कनेक्शन कटने के बाद कुछ उपभोक्ताओं द्वारा अवैध रूप से सीधे लाइन जोड़ने के मामले भी सामने आए हैं, जिन पर मंडल ने सख्त रवैया अपनाते हुए प्रकरण दर्ज करना शुरू कर दिया है।
बताया गया है कि सांची, सलामतपुर और दीवानगंज क्षेत्र में स्मार्ट मीटर के माध्यम से बिजली चोरी के करीब 32 मामलों में जुर्माने की कार्रवाई की जा चुकी है। मंडल अधिकारियों का कहना है कि कनेक्शन विच्छेद के बाद चोरी करने पर न सिर्फ भारी जुर्माना लगाया जाएगा, बल्कि जरूरत पड़ने पर पुलिस कार्रवाई भी की जाएगी।
मंडल अधिकारियों ने उपभोक्ताओं को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा है कि बिजली कनेक्शन से छेड़छाड़ न करें, समय पर बिजली बिल जमा करें और अवैध गतिविधियों से बचें। स्मार्ट मीटर होने के कारण अब चोरी की घटनाएं छिप नहीं पा रही हैं और मीटर स्वयं चोरी की जानकारी देकर पूरे मामले को उजागर कर रहे हैं।
स्मार्ट मीटर के दौर में बिजली चोरी अब छिपी नहीं, बल्कि खुद अपने सबूत साथ लेकर सामने आ रही है।





