नसीमखान सांची
सांची,,,,मुस्लिम समाज का पवित्र माह रमजान आज पहले रोजे के साथ शुरू हो गया। सुबह से ही रोजेदारों में विशेष उत्साह देखा गया और पूरे दिन इबादत का सिलसिला जारी रहा। इस मुकद्दस महीने को इस्लाम में रहमत, बरकत और मगफिरत का महीना माना जाता है।
जानकारी के अनुसार रमजान के पूरे तीस दिनों तक रोजे रखे जाते हैं। इस्लाम में रोजा उसी प्रकार फर्ज माना गया है, जैसे पांच वक्त की नमाज। रोजेदार दिनभर संयम और परहेज के साथ अल्लाह की इबादत में लीन रहते हैं। मस्जिदों में तरावीह की विशेष नमाज अदा की जा रही है, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हो रहे हैं। इसी महीने में पवित्र कुरआन शरीफ नाजिल हुई थी, इसलिए रमजान का महत्व और अधिक बढ़ जाता है।
रमजान के दौरान पुरुष, महिलाएं और बच्चे सभी इबादत में मशगूल रहते हैं। मस्जिदों में देर रात तक नमाज और कुरआन की तिलावत का सिलसिला चलता है। लोग अपने गुनाहों की माफी मांगते हुए अपने मरहूमों की मगफिरत की दुआ भी करते हैं।
इस पवित्र माह में जरूरतमंदों, गरीबों और बेसहारा लोगों की मदद करने की परंपरा भी निभाई जाती है। मुस्लिम समाज के लोग जकात और सदका देकर समाज में भाईचारे और इंसानियत का संदेश देते हैं।
रमजान का यह महीना आत्मसंयम, त्याग, सेवा और आध्यात्मिक शुद्धि का संदेश देता है।
रमजान की रौनक के साथ क्षेत्र में आस्था, अनुशासन और इंसानियत का अनोखा संगम देखने को मिल रहा है।





