नसीमखान सांची
सांची,,,,क्षेत्र में इन दिनों जंगली सुअरों के झुंड किसानों की खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। गेहूं और चने की फसल अंतिम चरण में पहुंच चुकी है, ऐसे समय में हो रहे नुकसान से किसान चिंतित हैं।
किसानों का कहना है कि रात के समय बड़ी संख्या में खेतों में घुसने वाले सुअर फसलों को रौंद देते हैं। कई खेतों में स्थिति ऐसी हो गई है मानो बुआई ही न की गई हो।
किसान कमलकिशोर पटेल ने बताया कि जंगली सुअरों के कारण भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। किसान संजीत वर्मा ने कहा कि बाड़ लगाने के बावजूद सुअर उसे तोड़कर खेतों में प्रवेश कर जाते हैं। वहीं जीवन सिंह राजपूत के अनुसार दिन में आवारा पशुओं और रात में जंगली जानवरों से फसल बचाना बड़ी चुनौती बन गया है।
खेती पहले ही मौसम की मार और बढ़ती लागत से प्रभावित है। ऐसे में फसल पकने से पहले नुकसान होना किसानों के लिए आर्थिक संकट खड़ा कर देता है।
इस संबंध में सलामतपुर के डिप्टी रेंजर सरजन सिंह मीणा ने बताया कि वन्य प्राणियों की सूचना मिलने पर विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर उन्हें खदेड़ने की कार्रवाई करती है। उन्होंने कहा कि यदि किसी किसान की फसल वन्य प्राणियों से नष्ट होती है तो किसान संबंधित तहसीलदार को सूचना देकर नियमानुसार जांच उपरांत मुआवजा प्राप्त कर सकता है।
किसानों ने फसल सुरक्षा के लिए स्थायी उपाय किए जाने की मांग की है।
कटाई की दहलीज पर खड़ी फसल को बचाना अब किसानों के लिए संघर्ष बनता जा रहा है।





