नसीमखान सांची, रायसेन
रायसेन,
राष्ट्रीय फ्लोरोसिस निवारण एवं नियंत्रण कार्यक्रम अंतर्गत कलेक्टर श्री अरूण कुमार विश्वकर्मा की अध्यक्षता में जिला स्तरीय को-आर्डीनेशन बैठक कलेक्ट्रेट कार्यालय स्थित वीसी कक्ष में सम्पन्न हुई। बैठक में कलेक्टर श्री विश्वकर्मा ने चिकित्सा अधिकारियों से जिले में फ्लोरोसिस से बचाव हेतु जागरूकता गतिविधियों, फ्लोरोसिस से प्रभावित मरीजों की जांच और उपचार संबंधी जानकारी लेते हुए दिशा-निर्देश दिए। इसके साथ ही फ्लोरोसिस के प्रति जागरूकता लाने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार अभियान चलाने तथा पीएचई विभाग के कार्यपालन यंत्री को जिले में नियमित रूप से नलकूपों, ट्यूबवेल के पानी की जांच किए जाने के निर्देश दिए गए।
कलेक्टर श्री विश्वकर्मा ने फ्लोराइड प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल के नमूनों की नियमित जांच करने और असुरक्षित स्रोतों को चिन्हित करने के निर्देश देते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में फ्लोराइड मुक्त, शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जाए। इसके साथ ही फ्लोरोसिस से बचाव के लिए नागरिकों को फ्लोराइड युक्त पानी के दुष्परिणामों की जानकारी देते हुए विभिन्न माध्यमों से जागरूक किया जाए। इसके साथ ही फ्लोरोसिस से प्रभावित मरीजों का समुचित उपचार किया जाए तथा सतत् मॉनीटरिंग भी की जाए।
बैठक में प्रेजेंटेशन के माध्यम से बताया गया कि जिले में करीब 354 ग्राम फ्लोराइड से प्रभावित हैं, इनमें विकासखण्ड गैरतगंज के 88, सिलवानी के 93, बेगमगंज के 107, बरेली के 30, उदयपुरा के 20, सांची के 10 और औबेदुल्लागंज के 02 ग्राम फ्लोराइड से प्रभावित है। स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा लगभग 106 ग्रामों में भ्रमण कर बच्चों तथा ग्रामीणों का परीक्षण किया गया। इनमें 3493 बच्चों का परीक्षण किया गया जिनमें लगभग 1114 बच्चे संभावित डेंटल फ्लोरोसिस से प्रभावित पाए गए। जांच उपरांत 393 बच्चों में फ्लोरोसिस की पुष्टि हुई है तथा स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा चिन्हित किए गए प्रभावितों को कैल्सियम एवं विटामिन सी की दवाइयां उपलब्ध कराई जा रही है। साथ ही सतत् मॉनीटरिंग भी की जा रही है।
कलेक्टर श्री विश्वकर्मा ने निर्देशित किया कि जिले में आशा, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को पानी की जांच हेतु प्रशिक्षण दिया जाए तथा फील्ड टेस्टिंग किट वितरित की जाए। प्रशिक्षण में सभी स्कूलों के एक-एक शिक्षक को भी प्रशिक्षण दिया जाए। उन्होंने कहा कि फ्लोरोसिस बीमारी से बचाव के लिए जनजागरूकता बेहद जरूरी है। बैठक में पीएचई विभाग के कार्यपालन यंत्री श्री गिरीश कामले, महिला बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री बृजेश जैन, सिविल सर्जन श्री यशपाल सिंह बाल्यान, जिला फ्लोरोसिस कंसल्टेंट एवं नोडल अधिकारी श्री एमडी भारती सहित स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारी, बीएमओ तथा बीपीएम उपस्थित रहे।





