राज ऋषि मिश्रा उमरिया
उमरिया जिले अमरपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ डॉक्टर शिव प्रजापति ने क्षेत्रीय जनों को गर्मी को देखते हुए कहां की गर्मी में घड़े (मटके) का पानी सबसे अच्छा और प्राकृतिक रूप से ठंडा माना जाता है। मिट्टी के घड़े में पानी वाष्पीकरण (evaporation) की प्रक्रिया के कारण प्राकृतिक रूप से ठंडा रहता है, जो गले और स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद होता है। यह फ्रिज के पानी की तुलना में ज्यादा सुरक्षित और सुपाच्य है। डॉक्टर प्रजापति ने कहा कि
घड़े का पानी से शरीर प्राकृतिक रूप से ठंडा रहता है।
एंटी-ऑक्सीडेंट्स से भरपूर यह पानी नर्वस सिस्टम को शांत रखता है और गर्मियों में हीट स्ट्रेस से बचाव करता है। इस गर्मी खुद को रखें कूल और हेल्दी – अपनाएं देसी तरीका!
गर्मी के मौसम में मिट्टी के घड़े में रखा पानी ठंडा क्यों हो जाता है?
मिट्टी का घड़ा बहुत बारीक-बारीक छिद्रों (छोटे छेद) वाला होता है। इन छिद्रों से थोड़ा-सा पानी बाहर आ जाता है।जब यह पानी बाहर की हवा के संपर्क में आता है, तो वह धीरे-धीरे वाष्प बनकर उड़ जाता है। इस प्रक्रिया को वाष्पीकरण कहते हैं।वाष्पीकरण होने के लिए ऊष्मा (गर्मी) की जरूरत होती है। यह ऊष्मा घड़े के अंदर रखे पानी से ही ली जाती है।
जब अंदर का पानी अपनी ऊष्मा खो देता है, तो उसका तापमान कम हो जाता है — और वही पानी हमें ठंडा महसूस होता है।





